अलवर. दीपोत्सव का उल्लास शुरु हो चुका है। धनतेरस पर खरीददारी के बाद दिवाली पर्व पर लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है। दिवाली के उत्साह के बीच इस बार लोगों में पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जागरुकता भी नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों की बिक्री पर रोक के आदेश अलवर में भी बराबर लागू किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार अलवर शहर में आतिशबाजी मार्केट नहीं लगे हैं। हालांकि होप सर्कस के आस-पास कुछ जगहों पर चोरी छिपे आतिशबाजी जरूर बेची जा रही है, लेकिन खास बात यह है कि लोग इस बार पटाखे खरीदने में अधिक रूचि नहीं दिखा रहे हैं। गत वर्षों में धनतेरस से ही पटाखों की गूंज सुनाई देती थी, लेकिन इस साल माहौल बदला हुआ है। लोग ईको-फ्रैंडली दिवाली का संदेश दे रहे हैं।
प्रशासन ने जारी नहीं किए अस्थाई लाइसेंस
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद जिला प्रशासन ने दिवाली पर अस्थाई लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। इस बार बाजार में केवल ग्रीन पटाखे ही कानूनी रूप से बिक सकेंगे। ग्रीन पटाखों में अनार और फूलझड़ी शामिल हैं। इनके अलावा बाकि पटाखों की बिक्री पर रोक है। हालांकि कई जगह चोरी छिपे पटाखे बिक रहे हैं। वहीं से लोग छोटे बच्चों की जिद पर पटाखे खरीद रहे हैं।
युवाओं में अधिक जागरुकता
इस बार युवा पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जागरुक है। युवा सोशल मीडिया के माध्यम से भी ईको-फ्रैंडली दिवाली मनाने का संदेश दे रहे हैं। घरों में दीया जलाकर व खुशियां बांटकर दिवाली मनाने का आह्वान किया जा रहा है। अलवर और भिवाड़ी में दिवाली के दिनों प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। ऐसे में पटाखों के दुष्परिणामों को लेकर लोग जागरुक हुए हैं।
पुलिस व प्रशासन को दिए निर्देश
जिला मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने आयुक्त उद्योग एवं शासन सचिव कॉरपोरेट सामाजिक दायित्य जयपुर की ओर से जारी पत्र की अनुपालना में पुलिस अधीक्षक अलवर व भिवाड़ी, सचिव नगर विकास न्यास, समस्त उपखंड अधिकारी एवं सभी तहसीलदारों को सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी की बिक्री पर पूर्णतया: प्रतिबंध लगाने के आदेश की पालना कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्रीन अनार व फुलझरी ही बिक्री को मान्य
इस साल केवल दो प्रकार के पटाखों को सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी घोषित किया है। इनमें एक अनार और दूसरा फुलझरी का हरा (ग्रीन) संस्करण है। ये दोनों चुप रहने वाले पटाखे हैं। बाकी, रॉकेट, बम और अन्य शोर करने वाले पटाखे प्रतिबंधित रहेंगे। सरकार ने दो प्रकार के ग्रीन पटाखे चलाने की छूट इसलिए दी है कि ग्रीन पटाखे 30 प्रतिशत कम वायु प्रदूषण का उत्सर्जन करते हैं।
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