उदयपुर/ कानोड़. poltical news नजदीक आ रहे नगर पालिका चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के लिए अबकी चुनावी मैदान में परचम लहराना इतना आसान नहीं दिख रहा है। भीतरी कलह से जूझ रही भाजपा में अपनों में बीच चल रहा मनमुटाव भविष्य की तस्वीर को खुले में बयां कर रहा है। दूसरी ओर भाजपा की ओर से बिखेरे गए 'रायतेÓ को देखकर कांग्रेस और जनता सेना मौका भुनाने में जुट गई हैं। विधानसभा प्रतिपक्ष नेता गुलाबचंद कटारिया और वल्लभनगर के पूर्व विधायक और जनता सेना सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर की आपसी टसक को लेकर दोनों ही दल इस चुनाव को लेकर प्रतिष्ठा दांव पर लगा रहे हैं। भाजपा की ओर से क्षेत्रीय चुनाव की जिम्मेदारी चित्तौडगढ़़ सांसद सीपी जोशी के हाथ है तो कांग्रेस विधायक गजेंद्रसिंह शक्तावत की भी चुनावी जिम्मेदारी को लेकर नींद उड़ी हुई है। इसके चलते तीनों ही राजनीतिक दलों के बीच इस पालिका क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबले होने हैं।
यूं फैला 'रायता
वर्तमान हालात में भाजपा का नगर निगम चुनाव जीतना मुश्किल भरा लग रहा है। भाजपा का भीतरी कलह इसी से जान सकते हैं कि चित्तौडगढ़़ सांसद ने शनिवार शाम को केरेश्वर महादेव से जनचेतना सांसद पद यात्रा का आगाज किया था। इसमें शामिल नगर पालिकाध्यक्ष अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष दर्शन शर्मा, भाजपा मण्डल महामंत्री जम्बु धींग एवं अन्य पदाधिकारी मौके से गायब हो गए। यात्रा के कानोड़ स्थित पुरोहित वाटिका पहुंचते ही आयोजित सभा में वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति चर्चा में रही। एक तरफ सांसद जोशी चुनाव जीतने का दम भर रहे हैं। दूसरी ओर वर्तमान हालात इन दावों पर सोचने को मजबूर कर रहे हैं। पदयात्रा में विधानसभा प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया का शामिल नहीं होना भी स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कहे तो मंडल चुनाव के बाद से पार्टी भीतरी मनमुटाव के संकट से जूझ रही है।
हर हाल में लड़ेगी जनता सेना
भाजपा में अंतद्र्वंद को भांपते हुए ही जनता सेना ने हर परिस्थिति में कानोड़ पालिका चुनाव लडऩे की मंशा जताई है। पार्टी के सुप्रीमो भींडर पूरी रणनीति के साथ में मैदान में उतर चुके हैं। दूसरी ओर कांग्रेस विधायक शक्तावत ने भी कमर कसते हुए चुनाव प्रभारियों की घोषणा कर चुनावी बिगुल बजा दिया है। भाजपा के कलह को भुनाने में जुटी कांग्रेस और जनता सेना फिलहाल तो जीत के सपने देख रही है। poltical news अब देखना यह है कि भाजपा के कद्दावर नेता कटारिया और लोकप्रिय सांसद की छवि वाले जोशी किस रणनीति के साथ पार्टी को जीत के मुकाम तक पहुंचाते हैं।





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