उदयपुर/ झाड़ोल. ratri chopal दूरदराज में सड़क सुविधा से वंचित फलासिया तहसील की कवेल ग्राम पंचायत के माल गांव में गुरुवार रात को रात्रि चौपाल स्थल तक पहुंचने के लिए अधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। खुद उपखण्ड अधिकारी डॉ. टी शुभमंगला भी मौके पर बाइक से पहुंची। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी चौपाल तक पहुंचने के लिए बाइक तलाशनी पड़ गई। उपखण्ड अधिकारी की ओर से रात्रि चौपाल को लेकर ऐसी ही जगहों का चयन किया जा रहा है, जहां के लोग वास्तव में सुविधाओं से वंचित हैं। हालांकि, एक चीज अच्छी हो गई है कि इस गांव में रहने वाले करीब 150 परिवारों के घर रोशनी से जगमग होंगे। सौभाग्य योजना के तहत हाल ही में हुए कनेक्शन के बाद इस गांव में लोगों की जिंदगी में रोशनी दिखाई दी है। चौपाल के दौरान राजस्व गांव माल के विकास में बाधा बनी हुई अभयारण्य की सीमा है। मार्ग में जंगल क्षेत्र का कुछ हिस्सा राजस्थान में तो कुछ जगह गुजरात राज्य की सीमा में है। ऐसे में विकास के नाम पर इस गांव में सड़क की सुविधा नहीं है। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें राशन लेने के लिए करीब 12 किलोमीटर दूर आंबा राशन केंद्र जाना होता है। राशन की यह दुकान ग्राम पंचायत अंबावी का हिस्सा है। ग्राम पंचायत में राशन सेंटर स्वीकृत है, लेकिन अब तक इसे लेकर किसी तरह की निविदा नहीं हुई है। पेयजल सुविधा के नाम पर तीन हैंडपंप हैं। इनमें से भी एक खराब हुआ पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले से सहयोग के तौर पर राशन की दुकान शुरू कराने और हैंडपंप सुधरवाने को कहा है।
चौपाल में गूंजी सड़क
फलासिया पंचायत समिति के माल गांव में आयोजित रात्रि चौपाल में अधिकारियों को पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसलिए चर्चा के दौरान भी सबसे बड़ी समस्या सड़क ही उभरकर सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि कवेल से माल, सरवण से माल, माल से खादरा फला तक सड़क निर्माण हो जाए तो गांव सड़क की मुख्य धारा में आ जाएगा। अधिक बरसात से कवेल पुलिया की रपट टूटने एवं उसमें सुधार को लेकर भी मुद्दा उठा। इसके अलावा चौपाल में ही चिकित्सा विभाग ने माल गांव में शिविर लगाकर लोगों को उपचार सुविधा मुहैया कराई। ratri chopal फलासिया विकास अधिकारी बृजलाल मीणा, साहायक कृषि अधिकारी शिवदयाल मीणा, चिकित्सा अधिकारी नेकीराम सहित अन्य विभागीय प्रतिनिधि मौजूद थे।





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