मनीष कुमार सिंह
अजमेर. अभी हाथों की मेहंदी पूरी तरह नहीं उतरी की एक विवाहिता इस दोराहे पर आ खड़ी हुई कि पीहर वालों की बेरुखी ने बेगाना बना दिया है, वहीं ससुराल वालों की प्रताडऩा से इतनी आजिज आ चुकी है कि वह उस ओर भी रुख नहीं करना चाहती। सोमवार दोपहर पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप से फरियाद के बाद भी पीडि़ता इसी कशमकश में देर शाम तक कलक्ट्रेट में बैठी रही कि...अब मैं कहां जाऊं।
मांगलियावास ब्यावर रोड निवासी नवविवाहिता सोमवार दोपहर एसपी कार्यालय पहुंची। एसपी ने फरियाद सुनने के बाद उसे शिकायत लेकर मांगलियावास थाने भेजा, लेकिन उसका कहना रहा कि मांगलियावास में उसे जान का खतरा है। पीडि़ता देर शाम तक कलक्ट्रेट ही बैठी रही। जब एसपी कुंवर राष्ट्रदीप को इसका पता चला तो सिविल लाइन थाना पुलिस को उसे नारीशाला भेजने के आदेश दिए।
ससुराल में दी जाती है प्रताडऩा
पीडि़ता ने बताया कि उसका विवाह 11 जुलाई को मांगलियावास में उसकी उम्र से 15 साल बड़े युवक से हुआ। उसके ससुराल वालों ने इसकी एवज में पीहर पक्ष को 5 लाख रुपए दिए। वह आगे पढऩा चाहती थी, लेकिन उसकी इच्छा के विरुद्ध उसका जबरदस्ती विवाह किया गया। शादी के बाद से पति उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त कर रहा है। उसके साथ मारपीट कर इच्छा के विरुद्ध यौन शोषण किया जा रहा है। विरोध करने पर पति पीहर पक्ष को 5 लाख रुपए देकर खरीदने की धोंस देता है।
पीहर पक्ष ने साधी चुप्पी
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि पति के साथ उसका जेठ भी अश्लील हरकतें करता है। विरोध करने पर आरोपियों का कहना था कि उसके पीहर पक्ष भी उसकी बात नहीं सुनेंगे। उन्होंने पीहर पक्ष को 5 लाख रुपए दिए हैं। पीहर पक्ष ने भी उसकी सहायता करने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष के लोगों की बातें मान जीवन बिताने की नसीहत दे डाली।
जिम्मेदार ससुराल पक्ष
पीडि़ता ने कहा कि ससुराल पक्ष की प्रताडऩा से वह अवसाद की स्थिति में है। उसके साथ होने वाली अनहोनी के लिए ससुराल पक्ष ही जिम्मेदार है। उसने ससुराल पक्ष की ओर से ऑनर किलिंग का भी अंदेशा जाहिर किया। पीडि़ता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इनका कहना है...
पीडि़ता ने परिवाद दिया हैं। मामले में मांगलियावास थाना पुलिस को जांच-कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पीडि़ता के देर शाम तक कलक्ट्रेट में बैठे रहने पर उसे सिविल लाइन थाना पुलिस को नारीशाला छोडऩे के आदेश दिए हैं।
कुंवर राष्ट्रदीप, एसपी, अजमेर





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