रायपुर मारवाड़. क्षेत्र में बारिश थमने के बाद बजरी माफिया एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उसने नदियों के छलनी करना शुरू कर दिया है। सडक़ों पर बजरी से भरे ट्रैक्टर व ट्रेलर दौड़ रहे है, लेकिन जिम्मेदारों ने आंखें बंद कर रखी है। हालात ये कि रात के अंधेरे के साथ अब दिन के उजाले में भी अवैध खनन हो रहा है। जिसे रोकने वाला कोई नहीं है। इस बार अच्छी बारिश के चलते नदिया उफान पर रही। जिससे नदियों तक वाहनों के पहुंचने के रास्ते बन्द हो गए थे। इस कारण बजरी का अवैध कारोबार पर स्वत: ही थम गया। अब बारिश थमते ही अवैध कारोबार ने फिर से जोर पकड़ लिया है।
यहां हो रही छलनी
बजरी माफिया रायपुर लुनी नदी, गुडिय़ा नदी, बिचड़ी नदी, कुशालपुरा नदी, दागला, कुंडाल, दीपावास सहित पहाड़ी क्षेत्र के गांवों की नदियों से बजरी खनन कर रहा है। वहां बुलडोजर की मदद से ट्रैक्टर ट्रॉली, डम्पर, ट्रोले भरकर बजरी ब्यावर, सीकर, जयपुर सहित अन्य क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है।
कोई नहीं कर रहा कार्रवाई
बजरी खनन को लेकर कलक्टर की टास्क फोर्स की नींद टूटी नहीं रही है। खनिज विभाग के अधिकारियों से ऑफिस की कुर्सी छूट नहीं रही है। ओवरलोड के खिलाफ कार्रवाई का दम भरने वाले परिवहन विभाग के अधिकारियों को डम्पर व ट्रोलो में लदी ओवरलोड बजरी नजर नहीं आ रही है।
रसूख के दम पर टोल में रियायत
बजरी से लदे ओवरलोड डंपरों को टोल पर रियायत दी जाने का भी मामला सामने आ रहा है। हालांकि ये रियायत उन्हें ही मिल रही है जिन्होंने टोल वसूलने वाली कम्पनी के जिम्मेदारों को रसूखदारों से दबाव डलवाया है। टोल कम्पनी के अधिकारी मन मसोज कर ओवरलोड के बावजूद अंडरलोड का ही चार्ज वसूल रहे हैं।
रात को दौड़ रहे बजरी से लदे ट्रैक्टर
सोजतरोड. सोजतरोड क्षेत्र में बजरी खनन हो रहा है। यहां रात होते ही ट्रैक्टरों में बजरी लादकर पहुंचाई जा रही है। कस्बे में रविवार रात भी कस्बे से बजरी से भरे ट्रैक्टर गुजरे। इन ट्रैक्टरों के कारण रात में होने वाले शोर-गुल से लोगों को परेशानी हो रही है। सुकड़ी नदी में भी दिन दहाड़े बजरी खनन की खबरें आ रही है।





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