नोखा.नोखा तहसील के गांवों में इन दिनों टिड्डियों व फाके ने डेरा डालकर किसानों की नींद उड़ा रखी है। हिंयादेसर में हजारों की तादाद में पहुंची टिड्डियों ने खेतों में खड़ी फसलों पर धावा बोलकर उसे अपना भोजन बना लिया है। वहीं रोड़ा, जगरामपुरा, कुदसू, मगरा, जांगलू, देसलसर, जेगला, मुंजासर, सांइसर, बंधाला, किशनासर, उदासर सहित अन्य गांवों में भी टिड्डियां खेत में पकाव पर खड़ी फसलों को नुकशान पहुंचा रही है। टिड्डियों के आंतक से किसान चितिंत हैं और फसल बर्बाद होने का डर उनको साल रहा है। कई गांवों में टिडिïडयों को भगाने के लिए किसान पारंपरिक तरीके भी अपना रहे हैं, लेकिन उनका असर भी ज्यादा नहीं हो रहा है। वहीं प्रशासन, कृषि विभाग और टिड्डी नियंत्रण महकमा गहरी नींद में सोया है, उनके प्रयास कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।
आखिर कब टूटेगी सरकार व उसके नुमाइंदों की नींद
नोखा तहसील के गांवों में टिड्डियों द्वारा खेतों में खड़ी फसलों के नुकशान होने की सूचना के बाद विधायक बिहारी लाल बिश्नोई ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जब टिड्डियों ने कोलायत के गांवों में पहुंचकर फसल बर्बाद करना शुरू किया, तो वे पीडि़त किसानों के खेतों में नुकशान का अवलोकन करके आए थे। उसके बाद जिला प्रशासन व राज्य सरकार से मांग की थी कि समय रहते इन टिड्डियों का सफाया किया जाए, नहीं तो टिड्डियां जिलेभर के किसानों की मेहनत को चट कर जाएंगी।
लेकिन सरकार और उसके नुमाइंदों ने संभावित खतरे को जानबूझकर नजर अंदाज किया और इसका परिणाम यह हुआ कि अब नोखा तहसील के गांवों में टिड्डियां पहुंच गई हैं। खेतों में पकाव पर खड़ी फसलों को बर्बाद कर रही हैं, किसानों के अरबों रुपयों की फसल नष्ट कर देंगी। उन्होंने जिला कलक्टर व कृषि विभाग के उप निदेशक जगदीश पूनियां से फोन पर बात कर टिड्डियों का सफाया कराने और प्रभावित गांवों का तुरंत सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की बात कही।





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