उदयपुर/ कोटड़ा. saubhagya yojna गरीब और ग्रामीण परिवारों की जिंदगी में 'रोशनीÓ लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना, उदयपुर के ग्रामीण अंचल में 'बंटरबांटÓ की भेंट चढ़ रही है। नियमों और आवेदनों की कतारों को ताक में रखकर यहां मनमानी से लोगों को सौर ऊर्जा उपकरण बांटे जा रहे हैं। कहे तो चेहरा देखकर लोगों की जिंदगी में रोशनी का छलावा हो रहा है। अव्यवस्था का शिकार हुए क्षेत्र के करीब 300 से अधिक परिवार आज भी बिजली जैसी सुविधाओं को तरस रहे हैं। यानी की सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार के बीच जरूरतमंद को पहाड़ी इलाकों में योजना का फायदा नहीं मिल पा रहा है। लेकिन, अब ग्रामीणों में समस्या को लेकर आक्रोश बढऩे लगा है। विरोध के ये सुर प्रशासनिक अधिकारियों के कानों तक पहुंचने लगे हैं।
गंभीर हैं आरोप
अव्यवस्था के बीच सुविधा से वंचित परिवारों का आरोप है कि योजना को लेकर क्षेत्र में मनमानी हो रही है। मर्जी से लोगों को सौर ऊर्जा उपकरण बांटे जा रहे हैं। बिजली सुविधा वाले इलाकों में भी उपकरण बांटे गए हैं। लेकिन, जहां बिजली लाइनों की सुविधा नहीं है। वहां रहने वाले लोगों को योजना से जुडऩे के लिए चप्पलें घिसनी पड़ रही हैं।
अंधेरे में आबादी
कोटड़ा की धधमता पंचायत के कोलिया गांव के करीब 300 परिवार आजादी के बाद से अब तक भी अंधेरे में गुजर बसर कर रही है। स्कूली बच्चे आज भी इन झोपडिय़ों में चिमनी के भरोसे भविष्य बनाने में लगे हैं। लेकिन, सरकारी योजनाओं के बावजूद मूल व्यक्ति को उसके हिस्से की सुविधा नहीं मिल रही। समस्याग्रस्त ग्रामीणों ने मामले को लेकर उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार भाणाराम मीणा को ज्ञापन सौंपा।
किया है ऑर्डर
जहां पर बिजली सुविधा नहीं है। वहां पर सौर ऊर्जा उपकरण देने बाकी हैं। इसके लिए ऑर्डर भी जारी किए हैं। आते ही वंचितों को सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
दिवाली देवी, सरपंच, धधमता
तय होगी कार्रवाई
ग्रामीणों की ओर से लिखित में शिकायत मिली है। मामले में जो व्यक्ति दोषी है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भाणा राम मीणा, तहसीलदार, कोटड़ा





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