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प्रतिबंध के बावजूद चले पटाखे, जहरीली हुई आबोहवा

अलवर. धारूहेड़ा/भिवाड़ी. दीपावली पर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद धारूहेड़ा और भिवाड़ी में धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री हुई। इसी के चलते दोनों औद्योगिक शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद न तो पटाखों को लेकर समय की पांबदी नजर आई और ना ही जिम्मेवार प्रशासन सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के निर्देशों की पालना कराने में कारगर साबित हुआ। बढ़ते प्रदूषण के चलते दीपावली के बाद हालत इस कदर हो गई कि लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है। वहीं जहां सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में अस्थमा के लक्षण दिखाई देने लगे, वहीं कई दमा पीडि़तों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इन औद्योगिक कस्बों में करीब 70 लाख की लागत से डिजीटल वायु गुणवत्ता सूचकांक लगाया है। पहले वायु गुणवत्ता के नमूने गुरुग्राम भेजे जाते थे तथा एक सप्ताह बाद नतीजा मिल पाता था। अब एक्यूआई स्तर हर घंटे डिजीटल बोर्ड पर डिस्पले हो रहा है। लेकिन तेजी से बढ़ रहा प्रदूषण ग्रामीणों के लिए खतरनाक बना हुआ है।
पराली जलाने का भी बड़ा असर : एनसीआर क्षेत्र में पराली जलाने से भी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर की ओर बढ़ता है। एनसीआर में शामिल हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा पराली (चावल के भूसे) का बड़ी मात्रा में दहन किया जाता है। खेतों में थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पराली जलाई जाती है। जिससे इन दिनों एनसीआर के वाशिंदों के लिए वायु प्रदूषण जान लेवा बना जाता है।
आदेश हुए हवाई: सुप्रीम कोर्ट की ओर से बढ़ते प्रदूषण के चलते एनसीआर में पटाखों को लेकर गाइड लाइन जारी की गई थी। अदालत की ओर से केवल ग्रीन पटाखे ही रात को 8 से 10 बजे के बीच चलाने के निर्देश दिए गए थे। प्रतिबंध के बावजूद गली मोहल्लों में धड़ल्ले से पटाखों की बिक्री हुई। इससे दीपावली की रात को प्रतिबंध के बावजू खूब पटाखे छोड़े गए।
चिंताजनक हुए हालात: धारूहेड़ा व भिवाड़ी दोनों में प्रदूषण के चलते हालात चिंताजनक बनी हुई है। दीपावली के पहले भी भिवाड़ी में वायु का स्तर खतरनाक था। वहीं दीपावली के बाद भी भिवाड़ी का 2.5 का स्तर 383 तथा पीएम 10 का स्तर 455 पहुंच गया है। इतना ही नहीं धारूहेड़ा का 2.5 का स्तर 377 तथा पीएम 10 का स्तर 488 पार कर चुका है। वहीं पास लगते पलवल, गुरुग्राम व दिल्ली में तो इससे भी ज्यादा वायु का स्तर खतरनाक बना हुआ है। गौरतलब है कि गत दो वर्षों के दौरान दीपावली पर भिवाड़ी वायु प्रदूषण देश के सर्वाधिक प्रदूषित वाले शहरों की सूची में शुमार रहा है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
0 से 50 तक सबसे अच्छा
51 से 100 संतोषजनक
101 से 200 मध्यम स्तर
201 से 300 खराब
301 से 400 बहुत खराब
401 से 500 बहुत खतरनाक
दीपावली बाद धारूहेड़ा में एसक्यूआई
दिनांक पीएम 2.5 पीएम 10
29 अक्टूबर 412 425
28 अक्टूबर 488 465
27 अक्टूबर 372 345
दीपावली बाद भिवाड़ी में एसक्यूआई
दिनांक पीएम 2.5 पीएम 10
28 अक्टूबर 333 443
28 अक्टूबर 383 455
27 अक्टूबर 376 433
दीपावली फिर बढ़ा स्तर
कस्बे में बिना पटाखे चलाने पर ही एक्यूआई का स्तर 200 से अधिक चल रहा था। वहीं दीपापली पर हुई आतिशबाजी से वायु का स्तर और घातक हो गया। बार-बार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद लोग आतिशबाजी करना नहीं छोडृ रहे है।
मोहित मुद्गल, एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, धारूहेड़ा।

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