अलवर. किशनगढ़बास. जम्मू कश्मीर में सेब लेन गए क्षेत्र के ग्राम खोहाबास के अजानी का बास निवासी इलियास की आतंकियों की ओर से हत्या के बाद उसके शव कोश्रीनगर से वायुयान से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया। जहां से अलवर जिला प्रशासन की ओर से शव को उसके गांवखोहाबास के अजानी का बास लाया गया। लेकिन परिजनों ने शव को लेने से इंकार करने पर उपखण्ड प्रशासन ने शव को किशनगढ़बास के सरकारी अस्पताल के शवगृह मे रखवा दिया।
किशनगढ़बास थाना अन्तर्गत ग्राम महरमपुर बस स्टैंड पर शनिवार सुबह से ही लोग एकत्रित हो गए तथा प्रशासन से मृतक के परिवार से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी। इस मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अलवर रामचरण शर्मा, उपजिला कलक्टर सुरेंद्र प्रसाद, कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक कुशाल सिंह ने एकत्रित हुए लोगों को सरकार की ओर से मृतक के परिवार को दी जाने वाली आर्थिक सहायता छह लाख पचास हजार रुपए जिसमें दो लाख रुपए मुख्यमंत्री राहत सहायता कोष, चार लाख रुपए केन्द्र सरकार के कोटे से तथा पचास हजार रुपए जिला कलक्टर सहायता कोष से तुरन्त राहत देने से अवगत कराया तथा समझाइश कर शव को लेने की बात कही।
कई दौर में चली बैठक
ग्राम महरमपुर बस स्टैंड पर अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचरण शर्मा, उपजिला कलक्टर सुरेंद्र प्रसाद, कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक कुशाल सिंह नें परिजनों और मेव पंचायत के संरक्षक शेरमोहम्मद, कासिम मेवाती व खुर्शीद तथा एकत्रित लोगों को समझाइश की। लेकिन उक्त लोग प्रशासन से मृतक के परिवार से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बात पर अड़े रहे। इसके बाद एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से मृतक के परिवार से किसी एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी तथा 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग रखी। जिसमें शनिवार को शाम पांच बजे तक जिला प्रशासन से राज्य स्तर पर बात कर राहत दिलाने का अल्टीमेटम दिया। माग नहीं माने जाने पर दीपावली से अगले दिन धरना प्रदर्शन व रोड़ जाम जैसी कार्रवाई का एलान किया गया। सभा को मेव पंचायत के सदर शेर मोहम्मद, मेव पंचायत के प्रवक्ता कासिम मेवाती, खुर्शीद अंडेवाला ने सभा को संबोधित किया। इस मौके पर किशनगढ़ बास वृताधिकारी, थाना प्रभारी व अन्य थानों का पुलिस जाब्ता मुस्तैदी से मौजूद रहा। देर सांय रामगढ़ विधायक साफिया खान देर शाम महरमपुर पंहुची तथा ग्रामीणों से समझाइश की। जिस पर परिजनों ने बात मान ली। विधायक सफिया खान ने मुख्यमन्त्री सहायता से दो लाख रुपए का चेक सौंपा व परिवार के एक जने को आंगनबाड़ी मे नौकरी लगवाने की बात कही जिससे समाज के लोग शव लेने को तैयार हो गए। वहीं समाज के लोगों ने परिजनों को सरकारी व अन्य स्रोतों से दस लाख रुपए देने की बात कही । जिस पर प्रशासन की ओर से किशनगढ़बास तहसीलदार हेमेन्द्र गोयल को मृतक इलियास के शव को सामान्य अस्पताल से लेकर आने के लिए आदेशित किया। मृतक इलियास के शव को सुपुर्दे खाक करने की प्रक्रिया की जाएगी।





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