कोटा व्यापार महासंघ की ओर से बुधवार को बूंदी रोड पर आयोजित स्नेह मिलन समारोह में पदाधिकारियों ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला और नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल का अभिनंदन किया। इस दौरान धारीवाल ने कहा कि औद्योगिक पतन के बाद कोचिंग संस्थानों ने कोटा को आर्थिक सम्बल दिया है। कोचिंग संस्थान कोटा की जान है, उन्हें संभालना हम सब की जिम्मेदारी है। कोटा में हर साल डेढ़-दो लाख विद्यार्थी कोचिंग लेने आते हैं। इन विद्यार्थियों के माता-पिता साल में दो-तीन बार आते हैं। उन्हें शहर में घूमने के लिए बेहतर अवसर देने होंगे। कोटा को चंबल का वरदान मिला हुआ है। धारीवाल ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि आप चम्बल में एनजीटी का अड़ंगा हटावा दें। क्रॉकोडयल सेंचुरी बंद करवा दो अब तो स्थिति यह है कि मगरमच्छ चम्बल छोड़कर स्टेशन तक पहुंच गए हैं। एनजीटी की अड़चन खत्म हो जाए तो हम चंबल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर देंगे। चंबल की घाटी में वाटर सफारी शुरू हो जाए तो पर्यटक जैसलमेर, जयपुर, जोधपुर जाना भूल जाएंगे। पर्यटन उद्योग कोटा की अर्थव्यवस्था को नया आयाम दे सकता है। धारीवाल ने हवाई सेवा के मसले पर कहा कि बिरला लगातार प्रयासरत है। हम सब चाहते ही कोटा में जल्द हवाई सेवा शरू हो। धारीवाल ने केन्द्र सरकार की आर्थिक और कर नीतियों पर कटाक्ष करते हुए प्रहार भी किया।
बिरला पर पूरे प्रदेश को गर्व है
धरीवाल ने अपने संबोधन की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की तारीफ से की। उन्होंने कहा कि बिरला जिस ऊंचाई पर आज है, उस ओर देखने के लिए नजरें ऊंची करनी पड़ती है। बिरला का लोकसभा अध्यक्ष बनना न केवल कोटा के लिए गर्व की बात है बल्कि पूरा प्रदेश गौरवान्वित है।
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