शंकरलाल पटेल. उदयपुर/ गींगला पसं. smart student कहते हैं कि हुनर किसी का मोहताज नहीं होता। प्रतिभा के लिए किसी डिग्री और उम्र की जरूरत नहीं होती। कहावतों से भरे ऐसे ही जुमले को चरितार्थ कर दिखाया है राजकीय विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 7वीं के उथरदा निवासी हरीश ओड ने। विपरीत परिस्थतियों से जूझ रहे 13 साल के इस विद्यार्थी की जिंदगी पर पिता का साया नहीं है। अभावों में जिंदगी गुजर बसर कर रहा हरीश बचपन से खिलौनों से जोड़-तोड़ करने की आदत है। जब भी उसकी मां उसे खिलौने दिलाती है वह उसकी तकनीकी को जानने के लिए उत्सुक रहता है। हाल ही में उसकी मां ने उसे खिलौने के तौर पर जेसीबी मशीन दिलाई। आदतन हुनर के बीच उसने जिज्ञासा से जेसीबी खिलौने की तकनीकी पर काम किया और कुछ ही समय में उसने घरेलू सामग्री, बेकार मेडिकल इंजेक्शन, कॉपियों के गत्ते, आइसक्रीम की डंडियों से हाइड्रोलिक पद्वति पर आधारित ऐसी जेसीबी मशीन बना दी कि देखने वाला हर व्यक्ति दांतों तले उंगलिया दबाने को विवश हो गया।
सलूम्बर उपखण्ड क्षेत्र स्थित उथरदा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ेके इस विद्यार्थी का हुनर देख स्वयं स्कूल का स्टाफ दंग रह गया। तकनीकी देख उन्होंने प्रतिभा का सम्मान करने के लिए उसकी पीठ थपथपाई। कचरे से बनाई गई जेसीबी स्कूल में अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक सीख बनी हुई है।
यूं जीती 'जंगÓ
पढ़ाई समय के बाद खिलौनी की तकनीकी में रूचि दिखाने वाले हरीश ने खिलौनी वाली जेसीबी में भी दिलचस्पी दिखाई। घरेलू सामग्री के सहयोग से उसने हाइड्रोलिक ट्रिक पर वैसी ही जेसीबी बनाने की कल्पना की। कई बार प्रयासों पर विफल होकर भी हरीश ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयासों के बाद उसने आखिरकार जंग जीत ली।
स्टार अवार्ड के लिए नामित
तकनीकी विज्ञान में रूचि और हुनर देखते हुए संस्था प्रधान आर्य ने हरीश का नाम स्टार अवार्ड के लिए नामित किया है। विद्यालय प्रशासन की ओर से हरीश को विशेष सहयोग भी दिया जा रहा है। हरीश की विशेषता जेसीबी तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले वह रोबोट, घास काटने की आधुनिक मशीन, लिफ्ट वाला सुसज्जित मकान जैसे उपकरण बनाकर भी कई ईनाम जीत चुका है। smart student वर्तमान में हरीश ड्रोन बनाने में जुटा हुआ है।





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