उदयपुर/ खेरवाड़ा. udaipur crime news नजदीक आ रही दीपावली से पहले कस्बे के मुख्य बाजार और कृषि उपज मंडी सहित अन्य इलाकों में गोदाम बनाकर नियमों से परे रखा जा रहा बारूद स्थानीय लोगों की जिंदगी के लिए संकट बना हुआ है। पटाखों के नाम पर बारूद का मुख्य बाजार की संकरी गलियों में रखा जा स्टॉक अनहोनी को आमंत्रित कर रहा रहै। त्योहार से ठीक पहले बाजार की तंग गलियों में 40 से 50 अस्थायी दुकानों पर पटाखों की खरीदी होगी। पटाखों को लेकर उत्सुक युवाओं के उत्साह को देखते हुए दुकानों के भीतर ही स्टॉक भी रखे जाएंगे। दूसरी ओर त्योहार पर अक्सर होने वाले हादसों के बावजूद स्थानीय प्रशासनिक अमला क्षेत्र में संचालित पटाखों के अवैध कारोबार को लेकर मौन साधे हुए है। बता दें कि क्षेत्र में पटाखा बिक्री वाली अधिकांश दुकानें बगैर लाइसेंस की हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई का अधिकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को है।
दमकल तक की सुविधा नहीं
प्रशासनिक अनदेखी उस समय खतरनाक बन सकती है, जब ये पता हो कि क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में इसे बुझाने के लिए दमकल वाहन की भी सुविधा नहीं है। हर बार यही होता है कि आग की घटनाओं के दौरान स्थानीय सूचना पर उदयपुर या डूंगरपुर जिले से दमकल वाहन बुलाए जाते हैं। इसके बावजूद संकरी गलियों में पटाखों के नाम पर अवैध बारूद संग्रहित किया जा रहा है। वहीं लोगों की सुरक्षा को लेकर भी निरंतर अनदेखी की जा रही है।
अवैध वसूली भी भारी
व्यवस्था खामी की बात करें तो स्थानीय फुटकर विक्रेताओं का आरोप है कि सुरक्षा में लापरवाही के बीच स्थानीय जिम्मेदार उनसे त्योहार के नाम पर दो से तीन हजार रुपए तक वसूली करते हैं। हालांकि, स्थानीय विक्रेताओं ने मामले में किसी का नाम बताने से स्पष्ट मना किया। सूत्रों की मानें तो क्षेत्र विशेष में एक मात्र लाइसेंसधिकारी व्यक्ति निज स्वार्थ के चलते बिना मानदण्ड और सुविधा के फुटकर विक्रेताओं के हाथ लोगों की जिंदगी थमा रहा है। व्यक्ति विशेष का प्रशासनिक अमले पर भी दबाव रहता है।
असुरक्षा से अनजान
खास बात यह है कि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दम भरने वाली थाना पुलिस का सच भी किसी से छिपा नहीं है। थाने से महज 2 सौ मीटर दूर नियमों को ताक में रखकर रिहायशी इलाके में पटाखों का मनमाना स्टॉक रखा हुआ है। लेकिन, दिखती हुई खामी के बावजूद पुलिस तंत्र मामले में कार्रवाई के नाम पर मौन साधे बैठा है।
नहीं है जानकारी
रिहायशी इलाके में गोदाम की कोई जानकारी नहीं है। सरकारी रिकॉर्ड में कोई भी व्यक्ति थोक लाइसेंसधारी नहीं है। अवैध संग्रहण वाले मामलों में कार्रवाई कर सीज किया जाएगा।
राजीव द्विवेदी, उपखण्ड अधिकारी, खेरवाड़ा
तो कानूनन कार्रवाई
रिहायशी इलाके में पटाखा संग्रहण का लाइसेंस नहीं मिलता। अगर, किसी स्तर पर इस तरह की गतिविधि की जा रही है तो कानूनन कार्रवाई की जाएगी। मामले में थानाधिकारी को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
विक्रमसिंह, पुलिस उपअधीक्षक, ऋषभदेव
गैर काूननी तरीका
आबादी क्षेत्र में पटाखों का बगैर लाइसेंस बेचान गैरकानूनी है। ऐसा स्टॉक लोगों जिंदगी के लिए कभी भी मुसीबत खड़ी कर सकता है। udaipur crime news कायदे से गोदाम गैर आबादी इलाके में होना चाहिए।
रवि भावा, एडवोकेट





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