नोखा.बीकानेर.पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की शुरूआत धनतेरस से हो चुकी है। शनिवार को छोटी दिवाली के दीप जलाए गए। अब रविवार को बड़ी दिवाली पर महालक्ष्मी की पूजा होगी। फूल-मालाएं और वंदनवार बांधते हुए धन की देवी मां लक्ष्मी की अगवानी की तैयारी भी लोगों ने कर ली है। अब शुभ मुर्हूत के हिसाब से लोग घरो व प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। दीपों का पर्व मनाने के लिए हर कोई बेताब है, बच्चों ने जहां नए कपड़े व आतिशबाजी खरीदने की चाहत है, वहीं घर के बड़े-बुर्जुग लक्ष्मी पूजन के लिए सामग्री खरीदने में व्यस्त रहे। घर का मुखिया बाजार में अपनी जेब हल्की कराने के साथ-साथ घर की सजावट में जुटे हुए हैं। बाजार में बंदनवार, कैलेंडर, खील, बताशे, लाइटिंग की झालर की दुकानों पर लोगों की खासी भीड़ रही।
सुबह के समय जहां घर-सजावट की चीजें लोग खरीदते दिखाई दिए, वहीं दोपहर में परिवार के सदस्यों के साथ लोग कपड़े खरीदने के लिए बाजार जा पहुंचे। शाम होते ही बच्चों के साथ अभिभावक आतिशबाजी की दुकानों पर पहुंचे, जहां रेट सुनकर लोग हतप्रभ रह गए। क्योंकि बीते वर्ष में जितनी आतिशबाजी एक हजार रुपए में आ जाती थी, वो इस बार दो हजार से अधिक में मिल रही है। बाजार में मावे सहित अन्य खादय सामग्री बनाने के सामान की जमकर खरीददारी हुई। देर शाम लगभग हर घर से ही पकवानों की खुशबू आना शुरू हो गई। घरों में देर शाम तक विभिन्न आयटम बनाए जाने का दौर चलता रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचे और जमकर खरीददारी की।
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