उदयपुर/ गींगला पसं. idana mata मेवाड़ में प्रसिद्ध ईड़ाणा माता के दरबार तक पहुंचने वाले धर्मप्रेमियों को इन दिनों खासी तकलीफों से जूझना पड़ रहा है। मंदिर को जोडऩे वाले फीला और लोदा दोनों ही मार्ग खस्ताहाली का शिकार हैं। बारिश के बीच सड़कों की हालत ऐसी हो गई है कि चौपहिया वाहन भी बड़े-बड़े गड्ढों में उलझ रहे हैं। कमोबेश ऐसा हाल एक सड़क का नहीं बल्कि हर रास्ते पर ऐसे ही हाल भक्तों को परेशान कर रहे हैं। दिखती हुई समस्या के बावजूद प्रशासनिक अमला और जिम्मेदार विभागीय ओहदेदार समस्या को लेकर मौन साधे हुए हैं। फीला मार्ग पर दूधतलाई, साबल, जेतपुरा, पावरहाउस घाटी, ईडाणा के निकट सड़क पर डामर तो मानों गायब सा हो गया है। इधर, लोदा से ईडाणा मार्ग पर भी साइड के कटाव व गायत्री मंदिर के सामने विशाल गड्ढे तलैया का रूप लिए हुए हैं। प्रति रविवार व मंगलवार को हजारों की ताताद में आसपास सहित दूर दराज से श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचते है, लेकिन उन्हें दर्शन से पूर्व मार्ग की खस्ताहाली से जूझना पड़ रहा है। दुपहिया वाहन सवारों की स्थिति तो यह है कि आए दिन फिसलन और गड्ढों से बचाव के बीच दुपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।
खल रही पानी निकासी
इन दोनों मार्गों की खस्ताहाली की मूल वजह के तौर पर सामने कि सड़कों के किनारे पर बरसाती पानी निकासी का अभाव है। भरे हुए बरसाती पानी के बीच डामर और गिट्टी ने उसका स्थान छोड़ दिया है। idana mata दूर से आने वाले को गड्ढे का अहसास नहीं होता है और गिर जाता है।
फोटो केप्शन: मेवाड़ में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ईड़ाणा माता को जोडऩे वाले फीला मार्ग पर बने गड्ढे।
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