लूणकरनसर. तहसील क्षेत्र के कई गांवों व चक-आबादियों की रोही में गत दो-तीन दिन से आए टिड्डी दल ने किसानों की ग्वार, मोठ, बाजरे समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि किसानों ने टिड्डी दल को भगाने के प्रयास किए लेकिन लाखों की तादाद में ठहराव किए टिड्डी दल से फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है।लूणकरनसर की पीपेरां पंचायत के मेघाणा माइनर के चक एक एमजीडी में रातभर ठहरे टिड्डी ने खेतों में मोठ व ग्वार की फसलों को चट कर दिया। इसके अलावा ग्राम बीड़ संगरेऊ, चक १९६ आरडी, महाजन, शेरपुरा समेत कई गांवों में टिड्डी दल ने हमला कर फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
किसान नेता तोलाराम गोदारा ने बताया कि चक एक एमजीडी में टिड्डी ने मोठ की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है तथा किसानों को नुकसान का मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों के मुताबिक टिड्डी दल के नुकसान को कम करने के लिए किसानों ने खेतों में थाली व पीपे बजाकर, पटाखे छोड़कर भगाने का प्रयास किया गया। गांवों में टिड्डी दल आने की सूचना मिलने के बाद टिड्डी नियंत्रण विभाग के उप निदेशक धन्नेसिंह पूनिया, कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी अब्दुल अमीन, कृषि पर्यवेक्षक कालूराम सींवर, बलराम जाखड़ के नेतृत्व में पहुंचे दल ने रसायन का छिड़काव कर टिड्डी दल पर नियन्त्रण पाने का प्रयास किया। टिड्डी नियन्त्रण विभाग के मुताबिक मंगलवार शाम को टिड्डी दल ने पल्लू क्षेत्र की सीमा में प्रवेश कर लिया।
टिड्डी दल ने किया फसलों को चौपट
महाजन. क्षेत्र के सिंचित चक एक एमजीडी की रोही में दो दिन से टिड्डी दल ने नुकसान पहुंचाया है। हरिराम गोदारा ने बताया कि सिंचित व बारानी खेतों में टिड्डी दल ने मूंगफली, ग्वार, मोठ आदि की फसल को चौपट कर डाला है। शेरपुरा, बालादेसर, गुसाइणां, जैतपुर क्षेत्र में टिड्डी दल आने से किसान परेशान हो गए है। जैतपुर सरपंच ओमप्रकाश ओझा ने बताया कि कृषि विभाग व राजस्व विभाग को सूचना दी गई है।
हालांकि कृषि विभाग के पर्यवेक्षक बलराम जाखड़ आदि की टीम खेतों व सूनी रोही में छिड़काव कर रही है लेकिन टिड्डियों की तादाद को देखते हुए ये प्रयास नाकाफी सिद्ध हो रहे है। किसानों ने बताया कि इस बार मोठ की फसल अच्छी थी परन्तु एनवक्त पर टिड्डी दल ने हमला कर नष्ट कर डाला। किसानों ने खेतों का सर्वे कर नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलवाने की मांग की है।





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