उदयपुर/ सलूम्बर. Angry people पेराफेरी में शामिल 10 राजस्व गांवों को सलूम्बर नगर पालिका में मिलाने वाले सरकारी आदेश से खफा ग्रामीण गुरुवार को सड़कों पर उतर गए। नाराज लोगों ने प्रदेश सरकार के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सामूहिक दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ईशरवास के राजस्व ग्राम ईशरवास डांगीयान, ईशरवास टापरान, ईशरवास रावान, सुरो का कुआं, जोधसागर की भागल, मानपुरा गांवों को यथावत पंचायत समिति सलूम्बर में ही रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई नीति की खामी स्थानीय ग्रामीणों को झेलनी पड़ेगी। उन्हें पंचायतीराज योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। इन राजस्व गांवों में आज भी बहुतायत संख्या आर्थिक पिछड़े हुए लोगों की है, जिनका रोजगार नरेगा पर निर्भर है। कानूनी दायरा बताते हुए ग्रामीणों ने संसद की ओर से पारित एक्ट 1996 का भी हवाला दिया। बताया कि अनुसूचित सूची वाले इलाकों में विशेष प्रकार की व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत ग्राम पंचायतों के पास विशेष शक्तियां हैं। इसके तहत स्वंय ग्रामसभा की सहमति के बिना उस क्षेत्र का अधिग्रहण नहीं हो सकता। लघु खनिज एवं संसाधनों के संबंध में भी निर्णय ग्रामसभा की सहमति से किया जाएगा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से स्थानीय लोगों का हनन करते हुए उनकी बिना रजामंदी के उन्हें पालिका क्षेत्र में मिलाया गया है। ग्रामीणों ने सरकार के फैसले का विरोध किया। साथ ही व्यवस्था को यथाहाल करने की बात कही। angry people ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले के समक्ष नाराजगी जताते हुए चेतावनी भी दी कि समय रहते उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आगामी दिनों में रणनीति के तहत आंदोलन किया जाएगा।
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