अलवर. जिले में डेंगू का डंक तेजी से फैल रहा है। इस साल अब तक डेंगू के 225 से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग अभी डेंगू पा काबू नहीं पा सका है, इससे पहले जिले में सर्दी की दस्तक के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा भी मंडराना शुरू हो चुका है।
बारिश का मौसम खत्म होते ही वायरल बुखार, निमोनिया, मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। बरसाती सीजन के बाद से ही अलवर में डेंगू तेजी से फैल रहा है। अब तक 225 से ज्यादा डेंगू पॉजिटिव रोगियों की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भी रोजाना 50 से 60 मरीज डेंगू की जांच के लिए आ रहे हैं। दिवाली के बाद अब सर्दी की शुरुआत हो चुकी है और गुलाबी सर्दी ने दस्तक दे दी है। सर्दी के साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि इस सीजन में अभी तक जिले में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन सर्दी बढऩे के साथ ही नवम्बर माह के अंतिम सप्ताह से स्वाइन फ्लू के रोगी आना शुरू हो जाएंगे।
खानपान का रखे विशेष ध्यान
स्वाइन फ्लू का खतरा पांच साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग और लम्बी बीमारी से पीडि़त मरीजों को ज्यादा रहता है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए मौसम के साथ ही अपने पहनावे और खानपान में बदलाव कर लेना चाहिए। गर्म व पूरे कपड़े पहने तथा ठंडे पेय पदार्थ का इस्तेमाल न करें। गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करें तथा ताजा फल व सब्जी खाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू की
स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड को तैयार कर दिया गया है। जल्द ही सभी सीएचसी और पीएचसी पर स्वाइन फ्लू की दवा भेजी जाएंगी। इसके आलवा सर्वे टीम गठित कर जागरुकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
इंतजाम पूरे
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में डेंगू की रोकथाम के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही डेंगू के मरीज आना बंद हो जाएंगे। नवम्बर के अंतिम सप्ताह से स्वाइन फ्लू का खतरा बढऩे की संभावना है। स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए विभाग के स्तर पर पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।
- डॉ. ओपी मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अलवर।
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