Breaking News
recent

काले सोने से करेंगे 'कमाई, इसके पहले होगी बुवाई

उदयपुर/ मेनार. agriculture news अतिवृष्टि के बाद बेमौसम की बारिश और आपदाओं का दंश झेल रहे स्थानीय किसानों का बड़ा तबका जहां भविष्य को लेकर चिंतित है। वहीं दूसरी ओर वातावरणीय बदलाव के बीच मेवाड़, मालवा और हाड़ौती के कुछ किसान खेतों में होने वाले 'काले सोने की कमाईÓ को लेकर मानसिक तौर पर बुवाई को लेकर सक्रिय हो गए हैं। लाइसेंसी किसानों के खेतों में कहीं हल और बैलों की रौनक है तो कहीं पर ट्रैक्टरों से जुताई का काम तेजी पर है। अफीम से जुड़े किसानों का तर्क है कि ये खेती इतनी आसान नहीं होती। आम आदमी जितना इसे सहज समझ लेता है। बुवाई से लेकर तोल तक अफीम की फसल को छोटे बच्चे की तरह सहजना होता है। रेकॉर्ड के अनुसार चितौडगढ़़ खण्ड क्षेत्र में करीब 14 हजार 500 किसान इस बार अफीम की खेती में उनका भाग्य अजमाएंगे। मार्फिन बेस पर पहली बार खेती की पात्रता निर्धारित होने के बावजूद आकड़ों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है।
चितौडगढ़़ के अंतर्गत वल्लभनगर खण्ड प्रथम एवं द्वित्तीय के तहत आने वाले गांवों में लाइसेंस मिलने के साथ उत्सुक किसान खेती को लेकर कमर कस चुके हैं। वल्लभनगर खण्ड के अंतर्गत मेनार, इंटाली, अमरपुरा खालसा, खेरोदा में किसानों ने गोबर खाद के साथ खेतों का समतलीकरण शुरू कर दिया है। बुवाई की प्रक्रिया के बीच वल्लभनगर में करीब 115 हैक्टेयर में बुवाई होगी। मेनार खंड अ में 45 अफीम काश्तकारों को लाइसेंस जारी हुआ है। मुखिया जगदीश प्रसाद दियावत ने बताया कि खंड ब में 34 काश्तकार लाइसेंस के पात्र माने गए हैं। अनुकूल वातावरण के बीच किसान खेतों में बुवाई करेंगे। afim news बता दें कि अफीम की नई नीति के तहत 60 की औसत और 5.9 मार्फिन रखने वाले काश्तकार अनुज्ञा पत्र की पात्रता रखते हैं, जिन्हें नारकोटिक्स विभाग से अनुज्ञा पत्र जारी किया गया है।

115 हैक्टेयर में बुवाई
अनुज्ञापत्र मिलने के बाद किसान खेत तैयार करने में जुट गए हैं। वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र में करीब 115 हैक्टेयर में अफीम बुवाई हो सकती है। इस बार कुछ पट्टे कटे हैं तो कुछ बहाल हुए हैं। अभी बुवाई के बाद अप्रेल तक लुवाई होगी।
मदन सिंह शक्तावत, कृषि अधिकारी, भींडर

बढ़े हैं लाइसेंस
केंद्र की नीतियों के तहत बीते पांच साल में 18 हजार से 80 हजार तक अफीम लाइसेंस जारी हुए हैं। मेरे स्तर पर वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव से इस बारे में विशेष बातचीत हुई थी। वहां पर मेरे स्तर पर अनुकूल मौसम के कारण रूके हुए लाइसेंस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने को कहा गया है। agriculture news कटे हुए लाइसेंसों पर भी पुनर्विचार करने को कहा है।
चंद्रप्रकाश जोशी, सांसद, लोकसभा चितौडगढ़़

[MORE_ADVERTISE1]

Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.