बीकानेर. जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए किसी का शॉर्टकट नहीं होता। पहली प्राथमिकता अपना लक्ष्य हासिल करना ही होना चाहिए। यह कहना है राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा में चयनित हुई बीकानेर की दीपिका रामावत का। दीपिका ने ऑल ओवर में 103 वीं रैंक हासिल की है। बुधवार को राजस्थान पत्रिका के साथ बातचीत में दीपिका ने बताया कि अपने मन में यदि दृढ़ निश्चिय है, तो जीवन में आपने जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसमें आप निश्चित ही सफल होते है।
दीपिका ने बताया कि वर्ष 2018 में एलएलबी में स्नातक करने के साथ ही उसने ठान लिया था कि आरजेएस में सफलता हासिल करनी है। इसी लक्ष्य के साथ तैयारी में जुट गई और इसका परिणाम आज सामने है। दीपका ने बताया कि इस परीक्षा के लिए उसने रोजाना १० से १२ घंटे तक नियमित रूप से पढ़ाई की। सोशल मीडिया,शादी-विवाह व अन्य समारोह से दूरी बनाई।
आधी रात को आई खुश खबरी
दीपिका के घर में मंगलवार आधी रात के बाद खुशियां छा गई, जब कैनाड़ा से उनके जीजा दीपक वैष्णव ने उन्हें फोन कर परीक्षा परिणाम के बारे में बताया। इसके बाद वह अपने पिता के कमरे में गई उन्हें नींद से उठाकर उन्हें इससे अवगत कराया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। दीपिका ने स्वयं भी ऑन लाइन परिणाम की सूची निकाली और अपने रोल नम्बर देखे।
फैक्ट्री में काम करते है पिता
दीपिका एक सामान्य परिवार से है। उनके पिता सत्यनारायण रामावत एक फैक्ट्री में नौकरी करते है। स्वयं स्नातक तक पढ़े उनकी पत्नी गृहिणी है। इनके दो बेटिया है, एक बेटी एमबीए है और दूसरी ने जज बनकर अपने परिवार का सपना पूरा कर दिया। सत्यनाराण रामावत ने बताया कि दीपिका का स्वयं का दृढ़ विश्वास था, इस लिए कभी पढ़ाई के लिए मना ही नहीं किया। दीपिका अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता व गुरु आनंद गौड़ सहित अन्य गुरुजनों को देती है।





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