उदयपुर/ झाड़ोल. Swachchhta Mission स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर देश के हर गांव-गांव में सफाई अभियान को लेकर ढोल पीटे जा रहे हैं। दौड़ में हर ग्राम पंचायत खुद को बेहतर बताने के दावे कर रही है। लेकिन, झाड़ोल उपखण्ड मुख्यालय की स्थिति दावों से कुछ भिन्न है। कहे तो सफाई के नाम पर आज भी स्थानीय लोग और स्थानीय प्रशासनिक अमला अनजान है। इसकी बानगी स्थानीय रोडवेज बसस्टैंड पर महिला एवं पुरुष मूत्रालय में पसरी गंदगी से होती है। दोनों ही शौचालय वर्तमान में गंदगी का ढेर बन गए हैं। दुर्भाग्य यह है कि इन हालातों के बीच लोग लघुशंका निवारण के लिए खुले स्थान का उपयोग कर रहे हैं। हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी वाले इस मुख्यालय पर पसरी गंदगी को लेकर हर स्तर पर कोताही बरती जा रही है। दुर्गंध के बीच लोगों का मौके से गुजरना भारी पड़ रहा था। खास तो यह है कि लोगों की शिकायतों और सामने दिखते माहौल के बीच भी कोई जिम्मेदार समस्या निराकरण को लेकर पहल करता नहीं दिख रहा। दूसरी ओर सच यह है कि उपखण्ड की ग्राम पंचायतों के स्तर पर सफाई के नाम पर अब तक लाखों रुपए के बजट का सफाया कर हाथ झटकें जा चुके हैं।
रखवाई कचरा टोली, नहीं निगरानी
गांधी जयंती के मौके पर दो अक्टूबर को स्थानीय उपखण्ड अधिकारी डॉ. टी शुभमंगला ने ग्राम विकास अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर गंदगी वाले स्थलों पर आवश्यक कचरा टोलियां रखने के निर्देश दिए थे। अधीनस्थों ने इसकी पालना भी की। बता दें कि कचरे की यह टोलियां अब पूरी तरह भर चुकी हैं। इसके समीप आवारा पशुओं के साथ श्वानों के डेरे लगे हुए हैं। मजबूरी में लोग नदी में कचरा डाल रहे हैं।
आठ हजार की आबादी
कस्बे में 13 वार्ड में करीब आठ हजार की आबादी का वास है। इतनी आबादी के लिए ग्राम पंचायत प्रशासन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। संरपच, सचिव, पंचायत समिति तक शिकायत के बावूजद भी मोहल्लों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नाली का बद्बूदार पानी सड़क पर फैला हुआ है। लोगों को आने जाने में दिक्कतें होती हैं।
पाबंद किया जाएगा
ेमेरी जानकारी में सफाई कार्य नियमित जारी है। आगे भी सफाई कार्मिकों को पाबंद किया जाएगा। swachchhta mission नदी पेटे में कचरा डालने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।
शंकरलाल, सरपंच, ग्राम पंचायत झाड़ोल





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