उदयपुर/ मेनार. bird village menar विदेशी मेहमान पक्षियों को मेनार की सर्दी का बुलावा मिल रहा है। लबालब जलाशयों में भरा पानी और क्षेत्र में खुशनुमा मौसम भांपकर एक बार फिर विदेशी मेहमानों ने इस धरा पर दस्तक दी है। आगन्तुक मेहमानों में इस बार प्यार का पैगाम लेकर हजारों किलोमीटर दूर से कुरजां पक्षी भी आया है। खास बात यह है कि इस पक्षी को इस जलाशय पर चार साल बाद देखा गया है। इससे पहले कुरजां पक्षी की उपस्थिति 2 नवम्बर 2015 को देखी गई थी। मेनार वेटलैंड पर प्रवासी परिंदों की उपस्थिति को लेकर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर्स का 5 सदस्यीय दल भी यहां पहुंचा। प्यार के नाम पर पहचान रखने वाले इस पक्षी ने स्थानीय लोगों पर विश्वास जताया और कैमरे से महज चंद कदम दूरी पर आकर फोटोग्राफर्स की एलबम में यादगार पलों को दर्ज कराया। इंसान और पक्षियों के बीच की नजदीकी ने एक बार फिर दर्शकों को आकर्षित किया।
बेहद करीब से फोटो खिचाएं
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर 17 वर्षीय विधान द्विवेदी ने बताया कि तालाब किनारे उन्होंने एक दर्जन से अधिक प्रजातियों के पक्षियों को देखा है। दल को डेमोशियल क्रेन कुरजां पक्षी दिखा। नजदीक से फोटोग्राफी की उत्सुकता के बीच दल के सदस्य उसके बिल्कुल नजदीक चले गए। मुश्किल से 6 इंच के फासले पर आकर पक्षी ने स्थानीय इंसानों के प्रति विश्वास को जाहिर किया। धण्ड तालाब के किनारे कुरजां दिखा। पक्षी मित्रों के दल में विधान के अलावा कनिष्क कोठारी, अक्षत सोनी, वेदांग सेखेदकर सहित स्थानीय पक्षी मित्र दर्शन मेनारिया, करण मेनारिया एवं अन्य मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अधिकतर माइग्रेटरी बड्र्स का नवम्बर के पहले सप्ताह में आने का क्रम शुरू होता है। ये प्रवासी पक्षी मेनार लेक और इसके आसपास जल क्षेत्र में मार्च-अप्रेल तक ढेरा डालेंगे।
इनकी उपस्थिति रही आकर्षक
दण्ड तालाब पर सारस क्रेन, इजिप्शियन वल्चर, ग्रेट क्रिस्टेड ग्रेब, मार्श हैरियर, ईगलए स्पॉट बिल्ड डक, नॉर्दन शोवलर जैसे पक्षियों की अठखेलियां दर्ज की गई हैं।
इंसान से नहीं डरते
मैं अनेक देशों में घूमा हूं, लेकिन ऐसी जगह नहीं देखी, जहां परिंदें इंसानों से नहीं डरते। मेनार इस लिहाज से बेहतर है। bird village menar पिछले वर्ष मेनार जलाशय पर करीब 100 प्रजातियां देख चुका हूं।
पोल पेट्रिक कुलेन
विंटर विजिटर, पक्षीविद आयरलैंड





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