नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जारी सियासी संकट के बीच अब जब शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के बीच सरकार गठन को लेकर चर्चा जारी है, एक मांग ऐसी है जो इसमें बाधा बन सकती है। दरअसल कांग्रेस और राकांपा के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चल रही बातचीत के बीच उद्धव ठाकरे की आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने की मांग समस्या बन रही है। सूत्रों की मानें तो राकांपा के कई नेता इसे पसंद नहीं कर रहे हैं।
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एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य ठाकरे को सीएम बनाने की बात कह रहे हैं। इससे राकांपा के कई नेता असहज महसूस कर रहे हैं जो आदित्य जैसे नौसिखिए के साथ काम नहीं करना चाहते हैं।
इसके साथ ही राकांपा मुख्यमंत्री पद के लिए बारी-बारी से रोटेशन की बात कर रही है। वह चाहती है कि रोटेशन के तहत उसकी पार्टी का भी मुख्यमंत्री बने। वहीं, कांग्रेस व राकांपा के नेता उद्धव ठाकरे के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।ं
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एक सूत्र ने कहा कि महाराष्ट्र में सरकार गठन में देरी कांग्रेस की वजह से नहीं बल्कि राकांपा प्रमुख की वजह से हो रही है जो कि कांग्रेस की तुलना में शिवसेना को लेकर ज्यादा सशंकित हैं।
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एक सूत्र ने कहा कि राकांपा प्रमुख ने सही कहा है कि उन्होंने अभी तक सरकार गठन पर सोनिया गांधी से विचार विमर्श नहीं किया है।
राकांपा नेता शिवसेना की कार्यशैली व विचारधारात्मक विरोधाभासों को लेकर भी चिंतित हैं। शिवसेना नेता संजय राउत ने भी कहा, 'शरद पवार के बयानों को समझना कोई आसान काम नहीं है।'
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