बीकानेर. एक ही विवाह मंडप पर गूंजे वेद मंत्र। तो निकाह भी पढ़ी गई। सर्वधर्म सौहार्द की अनुठी मिसाल शुक्रवार को सार्दुल क्लब मैदान में देखने को मिली। जहां पर सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन में हिन्दू व मुस्लिम रीति रिवाज की परम्परा एक साथ साकार हुई। एक तरफ जहां दो जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसर के जीवन साथी बने। तो उसी पंडाल में समीप ही काजी ने चार मुस्लिम जोड़ों का निकाह कराया। मौका था कल्याण सेवा समिति ट्रस्ट की ओर आयोजित सर्वधर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन का।
इसमें बीकानेर, लालगढ, शेरगढ़ सहित क्षेत्रों से अलग-अलग बारातें पहुंची। जहां पर सादे समारोह में अपनी-अपनी रीति व परम्परा के अनुसार विवाह कराए गए। अध्यक्ष रघुवीर प्रसाद गर्ग ने बताया कि कौमी एकता व सद्भावना का संदेश देते इस समारोह का उद्देश्य फिजूल खर्चे पर अंकुश लगाना व लोगों को मितव्यता से सामूहिक रूप से विवाह करने के प्रति प्रोत्साहित करना था।
चार जोड़े मुस्लिम, दो हिन्दू
संरक्षक ओमप्रकाश सोनगरा ने बताया कि विवाह समारोह में 4 जोड़े मुस्लिम परिवार से थे, तो 2 जोड़े हिन्दू परिवार से आए। हिन्दू जोड़ों के फेरे आर्य समाज के पण्डितों ने परम्परा के अनुसार कराए। वहीं मुस्लिम जोड़ो का निकाह इस्लामी रीति रिवाज से काजी ने कराया।
पांच हजार की एफडी
आयोजन से जुड़े शान्ति नाथ के अनुसार सभी पंजीकृत नवविवाहित जोड़ों को समिति की ओर से विवाह प्रमाण पत्र दिए गए। साथ ही संस्था की ओर से 5 हजार रुपए की एफडी प्रदान की गई। इस दौरान पूर्व राज्य सभा सदस्य जमुना बारुपाल, कन्हैयालाल भाटी,शबनब बानो,महेन्द्र बारासा,मनीष जाजड़ा,रतन मारू,सलामुद्दीन, नवीन आचार्य ओम प्रकाश जोशी,अशोक सुथार आदि शामिल हुए।
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