उदयपुर/ सेमारी. case Building construction जनजाति बाहुल्य इलाके में विद्यार्थियों का भविष्य संवारने के लिए बनाए जा रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की निर्माण गुणवत्ता पहले ही दौर में सवालों के घेरे में आ गई है। खास तो तब हो जाता है कि व्यापक स्तर पर हो रहे निर्माण को लेकर निर्माण से जुड़ी एजेंसियां अनभिज्ञता जता रही हैं। स्थानीय पुलिस, जनप्रतिनिधि, लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार इस निर्माण को लेकर अनजान बने हुए हैं। ऐसे में इमारत की कमजोर नींव लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि जिस बिल्डिंग की इमारत इतनी कमजोर बन रही है। उसका भविष्य क्या होगा। लोगों के सवालों के जवाब पर जब इस पत्रिका संवाददाता ने भी वस्तुस्थिति जानने का जोखिम उठाया तो पता चला कि एक ठेकेदार इस निर्माण कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन वह बीच में ही आधा निर्माण कार्य छोड़कर चला गया है। वर्तमान में कार्य में सक्रिय ठेका प्रतिनिधि की ओर से पुराने निर्माण कार्य को लेकर कोई जानकारी देने में असमर्थतता दिखाई गई। आलम यह है कि बनने से पहले ही यह इमारत जर्जर होने लगी है। बनाई गई बाउंड्री वॉल भी एक ठोकर खाकर नीचे गिर रही है। इधर, लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों ने भी मामले को लेकर किसी तरह का जवाब देने से इनकार किया।
मेरी भी जानकारी में नहीं
आईटीआई भवन का निर्माण किस मद से हो रहा है। कौन सी एजेंसी इस कार्य में सक्रिय है। इन सब सवालों को लेकर मैं स्वयं भी अनभिज्ञ हूं। इसकी जानकारी जुटाता हूं।
डॉ. दयाराम परमार, स्थानीय विधायक
पता ही नहीं
निर्माण कार्य कौन सी एजेंसी कर रही है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
शांता देवी मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत सेमारी
कौन सा आईटीआई भवन
सरकारी मद से कस्बे में कोई आईटीआई भवन बन रहा है। Case Building Construction इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। न ही किसी स्तर पर किसी ने इसकी जानकारी दी है।
श्यामसिंह चारण, पुलिस थाना प्रभारी, सेमारी





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