पाली। सर्दी की दस्तक के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इस मौसम में ज्यादातर फ्लू और संक्रामक बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में चिकित्सा विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क हो गया है। बांगड़ अस्पताल सहित जिले के सीएचसी, पीएससी पर टेमी फ्लू दवा पहुंचाई गई है। आमजन को स्वाइन फ्लू के प्रति जागरूक करने के लिए भी चिकित्साकर्मियों को निर्देश दिए गए है।
क्या है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू एक तरह का संक्रामक रोग है। जिसे एच-1एन-1 वायरस के नाम से जाना जाता है। यह एक तरह का नया वायरस है, जिसके लक्षण बहुत हद तक अन्य फ्लू जैसे रहते हैं। यह संक्रमण या वायरस ***** से इंसानों में आया है, लेकिन आमतौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- नाक का लगातार बहना, छींके आना।
- मांसपेशियों में दर्द या अकडऩ रहना।
- सिर में तेज दर्द।
- कफ, सर्दी व लगातार खांसी रहना।
- ज्यादा थकान महसूस करना।
- गले में खराश रहना।
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए बरते यह सावधानियां
- जब भी खांसी या छींक आए, रूमाल या टिश्यू पेपर का इस्तमाल करें।
- हाथ साबून व पानी से दिन में कई बार धोए।
- लोगों से मिलने के दौरान हाथ मिलाने, गले लगने से बचे।
- मास्क का उपयोग करें।
- भरपूर नीदं ले, व्यायाम करें, तनाव से दूर रहे।
- तरल पदार्थ ज्यादा पीए, संतुलित आहार ले।
- भीड़-भाड़ से दूर रहे।
इन्हें ज्यादा खतरा
फ्लू या वायरस का जोखिम वृद्धजनों, 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, पांच साल से कम उम्र के बच्चों, 19 साल से कम उम्र के युवा और बच्चों में जो लंबे समय से किसी प्रकार की चिकित्सा ले रहे हैं। इसके साथ ही वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी कम है) जैसे एड्स से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी, अस्थमा रोगी, मधुमेह रोगी, न्यूरो मस्क्यूलर डिजीज से ग्रस्ति लोग।
स्वाइन फ्लू वार्ड तैयार
ओपीडी में स्वाइन फ्लू के मरीजों के स्केनिंग की व्यवस्था है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बना रखा है। - ए.डी. राव, पीएमओ बांगड़ अस्पताल
जिले भर में पहुंचाई टेमी फ्लू
सर्दी के मौसम के साथ ही स्वाइन फ्लू के मरीज आने शुरू हो जाते है। पीएससी, सीएससी तक टेमी फ्लू पहुंचा दी है। स्वाइन फ्लू से कैसे बचा जा सके इसके लिए चिकित्साकर्मियों की ओर से लोगों को जागरूक किया जाएगा। - आर.पी. मिर्धा, सीएमएचओ, पाली





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