उदयपुर/ कानोड़. nagar palika chunav नगर पालिका कानोड़ में प्रस्तावित चुनाव से पहले जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर आनंदी ने प्रस्तावित चुनाव स्थल का बारीकी से मौका मुआयना किया। साथ ही सुरक्षा व्यवस्थाओं के अलावा उपखण्ड स्तर पर की जा रही चुनावी तैयारियों की टोह ली। निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने चुनाव के बाद मत पेटियां रखने वाले स्थल की भी जानकारी जुटाई। कानोड़ पहुंची जिला कलक्टर की अगुवाई करते हुए एसडीओ शैलेश सुराणा उन्हें लेकर मतगणना स्थल पंडित उदयजैन महाविद्यालय लेकर पहुंचे। वहां कलक्टर ने सावधानी एवं सुरक्षा को लेकर उपखण्ड अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए। कलक्टर ने थानाधिकारी देवेंद्रसिंह देवल से भी आवश्यक जानकारी ली। कलक्टर ने शहर की सामाजिक सरंचना , मुस्लिम मतदाताओं की जानकारी लेने के साथ ही मतदान स्थलों पर लगाए जाने वाले बेरिकेटिंग , लाइटिंग सहित व्यवस्था को चांक चौबंद करने के निर्देश दिए। थानाधिकारी से पाबंद किए गए लोगों का खाका भी जुटाया। विकलांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं जुटाने को कहा। एसडीएम शैलेश सुराणा ने बताया कि सभी वार्डो में कुल 25 विंकलांग मतदाता हैं, जिनको लाने व ले जाने की व्यवस्थाएं होंगी। कानोड़ तहसीलदार राम निवास मीणा, भीण्डर तहसीलदार रामसिंह राव, अधिशासी अधिकारी कुंदन देथा, सहायक अभियंता प्रभुलाल सुथार, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता गौतम नलवाया एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इधर, जोड़-तोड़ की गणित
एक ओर चुनाव को लेकर प्रशासनिक अमला कमर कस रहा है तो दूसरी ओर चुनावी दंगल में लडऩे को आतुर प्रत्याशी एड़ी से चोटी का जोर लगाकर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार को मामले को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज रहीं। चुनावी चर्चाओं के बीच सभी राजनीतिक दल जिम्मेदारी के साथ मैदान में मतदाताओं के बीच उनके प्रत्याशी को जिताने की अपील करते दिखाई दिए। नगर पालिका के बाहर पालिका अध्यक्ष अनिल शर्मा, उपाध्यक्ष दर्शन शर्मा, भाजपा मण्डल महामंत्री जम्बू धींग के साथ ही ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सूरजमल मेनारिया चुनावी चर्चाओं को लेकर सजग दिखाई दिए।
बिखराव की सुगबुगाहट!
एक ओर प्रतिष्ठा बचाने में जुटी भाजपा के लिए चुनावी दंगल में नया संकट बनता दिख रहा है। बीते दिनों प्रत्याशी को लेकर भाजपा कार्यालय में दो गुटों के बीच चले लात-घूसों का गुस्सा अब बढ़ता दिख रहा है। विवाद के बाद से दो खेमों में बंटे प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच मनमुटाव चुनाव प्रचार में स्पष्ट दिख रहा है। विवाद के बाद बदलते समीकरणों के बीच कांग्रेस और जनता सेना मौका भुनाकर सपनों को पूरा करने में लगी हुई हैं। पालिकाध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य भाजपा नेताओं की उनकी पार्टी कार्यालयों से दूरी बिना बोले बहुत कुछ कह रही हैं। कांग्रेस में गत दिनों हुए फेरबदल और चुनावी चेहरों को लेकर भी समर्थकों में नाराजगी बनी हुई है। वहीं जनता सेना में टांग खिंचाई का दौर बना हुआ है।
जातीय समीकरणों से जीत!
सभी राजनीतिक दल जातीय समीकरणों के आधार पर खुद की जीत के सपने बुनने में लगे हैं। जैन बाहुल्य क्षेत्र में भाजपा ने एक, जनता सेना ने दो व कांग्रेस ने चार जैन समाज से दो जनों को प्रत्याशी बनाया है । दूसरी ओर ओर तीनों ही दलों ने सामान्य वार्डों की गणित भी उलट दी है। भाजपा ने तीन सामान्य वार्ड में ओबीसी प्रत्याशी उतारे। वहीं एक सामान्य वार्ड में एससी पुरूष को मौका दिया है। जनता सेना ने तीन सामान्य वार्ड में ओबीसी पुरूष को मौका दिया है। कांग्रेस ने एक सामान्य वार्ड में ओबीसी व एक में एससी वर्ग के प्रत्याशी उतारे हैं। Nagar Palika Chunav ऐसे में जातीय समीकरण भी तीनों ही दलों के समीकरण को उलट सकते है ।





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