होशियार यादव
नीमराणा. देवउठनी ग्यारस के अबूझ सावे पर अलवर जिले के प्रताप सिंह पुरा गांव में एक अनूठी शादी हुई। इटली में पली बढ़ी लीला ने पालन पोषण करने वाले इटालियन माता-पिता के साथ अपनी जन्मभूमि आकर परिजनों के मंगलगीतों के बीच इटली के मंगेतर के साथ सात फेरे लिए। इटालियन माता-पिता उसके दिवंगत पिता सुमेर सिंह के दोस्त हैं। लीला के पिता टूरिस्ट टैक्सी ड्राइवर थे और इटालियन दम्पती को दिल्ली में घुमाते समय एक एक्सीडेंट में जान दे बैठे थे। उसके बाद दम्पती लीला को गोद लेकर इटली चले गए थे।
लीला के भाई भानु ने बताया कि उसके पिता की 10 जनवरी 1999 को एक्सीडेंट में मृत्यु होने के बाद इटली निवासी मासिमो व कार्ला ने लीला को गोद ले लिया। उन्होंने इटली में उसका पालन-पोषण किया। दम्पती की उसके पिता सुमेर सिंह के साथ गाढ़ी दोस्ती थी। दोनों जब भी भारत भ्रमण पर आते सुमेर सिंह की गाड़ी में घूमते और उनके घर भी आते थे। पिता की मृत्यु के समय लीला सिर्फ ९ साल की थी। उसने बताया कि बड़े होने पर मासिमो व कार्ला ने लीला की मंगनी इटली के युवक आंदे्र के साथ की तो लीला ने शादी अपने गांव में ही करने की इच्छा जताई।
लीला को जान से भी ज्यादा चाहने वाले मासिमो व कार्ला उसकी इच्छा का मान रखते हुए चार दिन पहले इष्ट मित्रों तथा आंदे्र सहित प्रताप सिंह पुरा गांव आ गए। यहां देवउठनी ग्यारस के अबूझ सावे पर आंदे्र और लीला परिणय सूत्र में बंध गए। लीला ने हिन्दू रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचाया। भानु ने बताया कि लीला की शादी में आए विदेशी मेहमानों का स्वागत पूरे गांव ने उल्लास के साथ किया। उनका भी पूरा परिवार उसकी शादी में शामिल हुआ। बैंड-बाजे के साथ बहनोई आंद्रे की बिनौरी और निकासी निकाली गई तो लीला के पालक माता-पिता स्वयं को झूमकर नाचने से नहीं रोक पाए।





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