उदयपुर/ फलासिया. sardar vallabh bhai patel जनजाति विद्यार्थियों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए लामबंद कहे जाने वाले सरकारी शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मोटी तनख्वाह लेकर 'देश का भविष्यÓ बनाने के दावे करने वाले सरकारी शिक्षकों की ऐसी ही अज्ञानता के बीच गुरुवार को जनजाति विद्यार्थियों ने 'एकता दिवसÓ की जगह फिर से 'शिक्षक दिवसÓ मना लिया। जी हां! यह जानकार आश्चर्य होगा कि मादड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एकता दिवस के मौके पर लोहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करने की बजाए शिक्षकों की लापरवाही से जनजाति बच्चों ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की। इतना ही नहीं यह भूल तस्वीर तक ही सीमित नहीं रही। कार्यक्रम को लेकर मौजूद शिक्षकों ने भी कथित तौर पर राधाकृष्णन को लेकर ही बच्चों के बीच विचार व्यक्त किए। इतना ही नहीं ये शिक्षक पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर भी दो शब्द कहना भूल गए। बता दें कि विद्यालय में 389 बच्चे अध्ययनरत हैं। वहीं 13 शिक्षकों का स्टाफ है।
मैं आज ही लौटी हूं
अवकाश को लेकर मैं सीकर गई थी। आज ही लौटी हूं। एकता दिवस की जिम्मेदारी अध्यापिका (लेवल प्रथम) मधु गौतम की थी।
जागृति मेघवाल, संस्था प्रधान, राउमावि मादड़ी
जल्दी में भूली
मंशा चौथ का व्रत था। जल्दी में स्कूल पहुंची थी। अन्य स्टाफ ने डॉ. राधाकृष्णन की तस्वीर रख दी थी। मैं भी ध्यान नहीं दे पाई। वास्तव में बड़ी गलती हो गई है। sardar vallabh bhai patel फोन पर मिली सूचना पर फोटो देखें तो गलती का अहसास हुआ।
मधु गौतम, अध्यापिका, राउमावि मादड़ी





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