उदयपुर/ झाड़ोल. udaipur education department शिक्षा विभाग की ढीलपोल नीतियां गिर्वा तहसील की ग्राम पंचायत पई क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय वाड़ाफला के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बड़ा संकट बनी हुई हैं। एक मात्र शिक्षिका के भरोसे संचालित इस स्कूल के कुल 75 विद्यार्थियों के जिंदगी में अज्ञानता का अंधेरा पसरा हुआ है। कक्षाओं के अध्यापन के अलावा शिक्षिका के जिम्मे बहुत सी राजकीय योजनाओं की जिम्मेदारियां हैं। नामांकन के हिसाब से विद्यालय में दो से तीन शिक्षकों की जरूरत है। लेकिन, विभागीय नीतियों के बीच घुटता देश का भविष्य अब संकट में है। इधर, विभागीय खामियों को लेकर अभिभावकों में भी आक्रोश बना हुआ है।
ग्राम पंचायत पई के राप्रावि वाड़ा फला में नए सत्र शुरू होने के बाद दो शिक्षिकाओं की मौजूदगी थी। लेकिन, प्रतिनियुक्ति के कारण एक शिक्षिका को जोगीवाड़ा लगा दिया गया। एक मात्र शिक्षिका की ओर से समस्या को लेकर नोडल केंद्र का दरवाजा भी खटखटाया गया, लेकिन किसी भी स्तर पर इस समस्या को प्रमुखता नहीं दी गई। बाद में प्रतिनियुक्ति पर भेजी गई शिक्षिका को पुन: विद्यालय भेजने के प्रयास किए गए, लेकिन वह भी संभव नहीं हुआ।
कोई नहीं सुनता
विद्यालय शिक्षिका की ओर से अध्यापकों की समस्या मुझ तक पहुंचाई गई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर पर नोडल केंद्र और जिला शिक्षा अधिकारी को समस्या बताई गई, लेकिन आज तक भी समस्या सुधार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। नामांकन के हिसाब से दो शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
देवीलाल, सरपंच, ग्राम पंचायत पई
जल्द करेंगे कार्रवाई
राप्रावि वाड़ाफला में शिक्षक की कमी को लेकर जानकारी मिली है। जल्दी ही नोडल से व्यवस्था कर एक शिक्षक विद्यालय में लगाया जाएगा।
लक्ष्मीलाल दामा, नोडल प्रभारी, कार्यवाहक प्रधानाचार्य पई
नहीं करना चाहिए रिलीव
नोडल केंद्र स्तर पर विद्यालय की शिक्षिका को रिलीव नहीं करना चाहिए था। बच्चों के भविष्य के साथ ऐसी खामी नहीं होनी चाहिए। udaipur education department जिला शिक्षा अधिकारी को इस बारे में लिखित सूचित करें। ताकि प्रतिनियुक्ति निरस्त की जा सके।
शिवजी गौड़, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, उदयपुर





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