उदयपुर/ गींगला पसं. avvnl खामियों को लेकर हमेशा से चर्चा में रहने वाले अजमेर विद्युत वितरण निगम की एक गलती सर्दी के दिनों में किसानों के चेहरों पर पसीने का पर्याय बनी हुई है। बिना कनेक्शन दिए ही विद्युत निगम गरीब किसानों को बिजली बिल जारी कर रहा है। खामी का यह राग केवल यहीं तक सीमित नहीं है। डिमांड राशि जमा कराने के डेढ़ साल बाद भी निगम के जिम्मेदारों की ओर से किसान की समस्या का हल तलाशने का जस्बा नहीं दिखाई दे रहा। निगम स्तर पर ऐसी खामियों को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है, लेकिन आए दिन की समस्याओं का स्थायी हल तलाशने के मामले में निगम के ओहदेदार सफल नहीं हो रहे। खामियों भरा ऐसा ही एक मामला जवारड़ा गांव में सामने आया है। क्षेत्रीय किसान नाथू पुत्र कना डांगी ने खेत में सिंचाई कुएं में मोटर लगाने के लिए करीब दो साल पहले निगम कार्यालय में आवेदन किया था। इसकी प्रतिक्रिया में सरकारी दबाव में किसान को डिमांड राशि जमा करने के आदेश जारी हुए। जवाब में 23 मई 2018 को किसान ने संबंधित राशि निगम के खाते में जमा करा दी। आलम यह है कि करीब डेढ़ साल बाद भी निगम स्तर पर किसान की समस्या को लेकर सुध नहीं ली गई। उलटा बिना कनेक्शन जारी किए हुए कुएं में बिजली उपभोग के नाम पर बिल थमा दिया गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। बीते चार माह से किसान को लगातार बिल थमाकर उपभोग राशि जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। किसान के स्तर पर समस्या को लेकर कई बार निगम अधिकारियों की चौखट तक चप्पलें घिसी गई, लेकिन नतीजा हर बार की तरह ढाक के तीन पात तक ही सीमित रहा। गौर करने वाली बात यह है कि किसान के बिजली बिल पर मीटर नंबर और उपभोग यूनिट भी दर्ज है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर बिल में दर्ज मीटर कहां गया। उपभोग की गई बिजली की गणना किस गैर जिम्मेदारी के तहत की गई। समस्या से परेशान किसान ने मामले को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। उसने संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जिला प्रशासन से मामले में सहयोग की अपेक्षा जताई। इधर, मामले को लेकर निगम के जिम्मेदारों का जवाब है कि तकनीकी खामी के बीच किसान को बिल जारी हुआ है। avvnl इसमें सुधार कर आवेदक को कनेक्शन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
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