उदयपुर/ झाड़ोल. light current उपखण्ड के वाकल और भाडेर से जुड़े आधा दर्जन गांवों में हजारों उपभोक्ताओं को गुणवत्ता युक्त बिजली का सपना दिखाकर तैयार किया गया मोहनी फीडर को अजमेर विद्युत वितरण निगम की तकनीकी खामियों ने पंगु बना दिया है। झाड़ोल उपखण्ड के अधिकार क्षेत्र वाले इस फीडर की बिजली व्यवस्था समीपवर्ती गोगुंदा स्थित 132 केवी जीएसएस से जुड़ी हुई है। खामियों के चलते क्षेत्र में नियमित विद्युत आपूर्ति के बहाने उपभोक्ताओं से छलावा हो रहा है। मोहनी फीडर पर भारी खामियों के कारण ग्रामीणों को नियमित विद्युत आपूर्ति भी नहीं हो रही है। समस्या को लेकर लोगों में एक बार फिर आक्रोश बढ़ चला है। दूसरी ओर शिकायतों के बावजूद निगम व्यवस्था बहाली को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है।
नाम झाड़ोल और सप्लाई गोगुंदा की
वाकल एवं भाडेर क्षेत्र के मेाहनी फीडर कहने को झाड़ोल के अधिकार क्षेत्र में हैं, लेकिन फीडर की सप्लाई गोगुंदा से जुड़ी हुई है। ऐसे में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी को दुरस्त करने के लिए गोगुंदा से आने वाले स्टाफ का इंतजार करना होता है। अधिकार क्षेत्र में होते हुए भी झाड़ोल के निगम कर्मचारी व्यवस्था बहाली नहीं कर पाते। बता दें कि गोगुंदा से 33केवी जीएसएस को सप्लाई दी जा रही है। अप्रेल 2019 में फीडर का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद व्यवस्था केवल ढाई माह ही ढंग से संचालित हो सकी। इसके चलते आए दिन विद्युत आपूर्ति कार्य बाधित रहता है।
झाड़ोल से जोडऩे की उठी मांग
आए दिन अनियमित बिजली समस्या का दंश झेल रहे मोहनी फीडर से जुड़े उपभोक्ताओं ने व्यवस्था में सुधार करते हुए मोहनी फीडर की सप्लाई को झाड़ोल से जोडऩे की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली समस्या को लेकर उन्हें पहले झाड़ोल स्टेशन पर फोन करना होता है। इसके बाद झाड़ोल के निगम कार्मिक इसकी सूचना गोगुंदा जीएसएस के स्टाफ को देते हैं। तब कहीं जाकर बिजली व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई होती है। ग्रामीणों ने फीडर को लुणियारा के 33केवी जीएसएस से जोडऩे की बात पर जोर दिया है।
हर फाल्ट पर पूरी लाइन बंद
मोहनी फीडर में जीओ की सुविधा नहीं है। गांव में किसी एक फाल्ट को सुधार करने के लिए पूरी लाइन बंद करनी पड़ती है। फीडर से बिरोठी, पीलक, ओगणा, सांखला, भूरा गांवों समेत ओगणा कस्बे में सप्लाई का क्रम बना हुआ है। किसी भी जगह फाल्ट की स्थिति में पूरी सप्लाई बंद करनी पड़ती है। ओगणा कस्बे से ही भूरा लाइन भी जा रही है। फाल्ट की स्थिति में ओगणा कस्बे की पूरी सप्लाई बंद की जाती है। इधर, ग्रामीणों का आरोप है कि मोहनी फीडर पर निगम कार्मिकों का भी अभाव है। एक-दो कर्मचारी सक्रिय है। वह भी गोगुंदा में रहते हैं। वर्तमान में गोगुंदा खण्ड से कोलर, दाड़मिया, सरकाखेड़ा, सांखला, डूगंरियावास, देवड़ावास, केलथरा, नांदिया, अटाटिया, ओगणा में सप्लाई हो रही है।
जस की तस समस्या
उपभोक्ता सुविधा के नाम पर जीएसएस पर लाखों रुपए खर्च हुए हैं। बावजूद इसके ग्रामीणों की बिजली समस्या जस की तस बनी हुई है। आए दिन बिजली गुल रहती है। रात के समय बिजली जाने से लोगों को परेशान होना पड़ता है।
महावीर पूर्बिया, उपसरपंच, ओगणा
मशीन में खराबी
मोहनी फीडर तकनीकी कारणों के चलते बंद हुआ है। वीसीबी जो की सप्लाई को बंद चालू करती है। खराब हो गई है। नई वीसीबी के लिए उच्चाधिकारियों से डिमांड की हुई है। light current आते ही फीडर चालू हो जाएगा।
श्याम सुंदर मीणा, सहायक अभियंता, झाड़ोल





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