अजमेर. नगर निकाय चुनावों में भाजपा-कांग्रेस अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही है। इसी के तहत दोनों ही प्रमुख पार्टियों की ओर से प्लान ए के तहत अपने-अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर दी गई है। मगर दोनों ही दलों ने प्लान बी भी तैयार कर रखा है, इसके तहत पार्टियों के कार्यकर्ताओं की ओर से निर्दलीयों के साथ भी जुगलबंदी बढ़ा दी गई है।
नगर निकाय चुनाव की मतगणना से पूर्व भारतीय जनता पार्टी की ओर से ब्यावर, नसीराबाद एवं पुष्कर निकायों के प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर अनुशासन का पाठ पढ़ाने का प्रयास किया गया। कांग्रेस की ओर से भी सोमवार शाम को पार्टी प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर दी। कांग्रेस भी अपने सभी प्रत्याशियों को एकजुट रख कर बोर्ड बनाने का प्रयास कर रही है। पुष्कर एवं ब्यावर में कुछ ऐसे भी निर्दलीय प्रत्याशी हैं जो जीतने की स्थिति में है। ऐसे में दोनों ही दलों की ओर से इसके लिए प्लान बी तैयार किया गया है। मतगणना के बाद स्थिति का खुलासा होने पर जीतने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों को भी अपने खेमे में जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। प्लान बी में निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन जुटाने का दोनों ही दलों की ओर प्रयास कर दिए गए हैं। पुष्कर नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ताओं की जुगलबंदी के रूप में देखा गया है। पुष्कर में भाजपा की ओर से विधायक सुरेश सिंह रावत सहित प्रभारी ने तो कांग्रेस से पूर्व विधायक नसीम अख्तर इंसाफ ने कमान संभाल रखी है। ब्यावर में भाजपा की ओर से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक शंकर सिंह रावत, पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा ने कमान संभाल रखी है ता कांग्रेस से विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे पारस पंच व संगठन पदाधिकारियों ने कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की। इसी तरह नसीराबाद में विधायक रामस्वरूप लांबा तो कांग्रेस के पूर्व विधायक रामनारायण गुर्जर अपने-अपने प्रत्याशियों पर नजर बनाए हुए हैं।
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