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घुंघट में 'शहरी सरकार, नपा उपाध्यक्ष ने भी संभाला पदभार

उदयपुर/ कानोड़. nagar palika news घुंघट की ओट में कानोड़ नगर पालिका की 'शहरी सरकारÓ ने गुरुवार को शुभ मुहुर्त में पदभार संभाला। पालिका अध्यक्ष चंदा देवी मीणा और उपाध्यक्ष नरेंद्रसिंह बाबेल के पदभार संभालने की खुशी में शहर में बैंडबाजों के साथ रैली निकाली गई। स्थानीय विधायक गजेंद्रसिंह शक्तावत भी इस मौके पर समय पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं का उत्साहवद्र्धन किया। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अनिल शर्मा ने पालिकाध्यक्ष चंदा मीणा को चार्ज सौंपा। वहीं विधायक शक्तावत ने राजनीतिक रस्म पूरी करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष शर्मा को साफा पहनाकर विदाई दी। बोर्ड बनाने में कांग्रेस को मिली सफलता को लेकर विधायक शक्तावत ने क्षेत्र विकास के लिए विधायक मद से 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने मौजूद लोगों के बीच एक बार फिर से दोहराया कि क्षेत्र विकास में किसी तरह की कमी नहीं रखी जाएगी। बशर्ते कि बोर्ड पूरी निष्ठा और लगन के साथ जिम्मेदारी को पूरा करे।
कार्यक्रम को करण सिंह कोठारी , ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सूरजमल मेनारिया, शान्तिचंद बाबेल, सुनील चौबीसा, पार्षद गोपाल खटीक ने भी संबोधित किया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक स्थानीय बालमंदिर परिसर में हुई। जिला परिषद सदस्य हनुमंत सिंह बोहेड़ा, दिलीपसिंह सोलंकी, अयूब खान पठान, पार्षद भैरूलाल गायरी, बाबूलाल रेगर, जीवनसिंह जारोली, कोमल मुर्डिया, योगेश जारोली, सुरेन्द्र मुर्डिया, अमिताभ दक सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

अध्यक्ष सबका, मौजूदगी केवल कांग्रेसियों की
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार संभालने की खुशी में एक ओर कांग्रेस के प्रतिनिधियों में अपार उत्साह दिखाई दे रहा था। वहीं बोर्ड अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पदभार संभालने वाले कार्यक्रम में भाजपा और जनता सेना के पार्षदों ने शिरकत नहीं की। उलटा दूरी बनाए रखी। कहे तो 20 पार्षदों वाले बोर्ड में केवल 7 पार्षदों ने ही हिस्सेदारी निभाई।

तौर तरीके नहीं बदले
नगर पालिका अध्यक्ष बनने के बावजूद चंदा देवी मीणा ने सामाजिक तौर तरीकों से दूरी नहीं बनाई। पदभार संभालते समय भी नपाध्यक्ष चंदा घुंघट में नजर आई। इसी प्रकार पार्षद सोनिया बागवान और नम्रता कंवर सोलंकी भी सामाजिक मर्यादाओं के बीच जिम्मेदारी को पूरा करती हुई दिखाई दी।

कुर्सी के समक्ष हाथ जोड़े रखे
बतौर अध्यक्ष पदभार संभालने वाली चंदा मौके पर भाग्य का शुक्रियादा करती दिखाई दीं। यहीं कारण है कि पदभार संभालने से पहले नपाध्यक्ष कक्ष में वह काफी देर तक कुर्सी के समक्ष हाथ जोड़े खड़ी रही। इस बीच कुछ शुभचिंतकों ने मीडिया की उपस्थिति को भांपते हुए उन्हें हाथ जोडऩे से मना किया। एकबारगी उन्होंने लोगों की बात मान भी ली, लेकिन अगले ही पल एक बार फिर से वह कुर्सी को हाथ जोड़ते दिखाई दी। यहां तक की कुर्सी पर बैठने के बाद भी हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वह कुर्सी से खड़ी हो गई।

अब हम तो विदा होते हैं...
हिन्दी फिल्मों की कुछ पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए निवर्तमान अध्यक्ष ने पदभार छोड़ दिया। नए अध्यक्ष को कार्यभार सौंपने के साथ ही अनिल शर्मा ने अधिशासी अधिकारी कुंदन देथा, सहायक अभियंता प्रभुलाल सुथार सहित पालिका के सभी कार्मिकों को बीते वर्षों के दौरान दिए गए सहयोग को लेकर आभार जताया।

सांस्कृतिक आयोजनों में लगे ठुमके
कांग्रेस को बोर्ड बनने और स्वयं को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखकर तमाशा देखने वाली जनता सेना के सुप्रीमो रणधीरसिंह भींडर की उपस्थिति में ठहाकेदार सांस्कृतिक आयोजनों का दौर निजी इमारत में चर्चा का विषय रहा। आयोजन के दौरान पार्टी के जिम्मेदारों एवं पदाधिकारियों ने जमकर ठुमके लगाए। पूर्व विधायक भींडर ने शायराना अंदाज में भाजपा के भाईसाहब और जिम्मेदारों की खूब चुटकी ली। व्यंग्यबाणों से भी राजनीतिक धुरविरोधियों पर खूब तंज कसे। आयोजन में बड़ी संख्या में अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। लेकिन, दूसरी ओर चर्चा भी रही कि पूर्व विधायक भींडर बोर्ड नहीं बना पाने और बोर्ड में उनकी सुनिश्चित नहीं हुई सहभागिता के गम को मिटाने के लिए भी इस तरह के आयोजन में व्यस्त थे।

आपने मांगा ही नहीं तो देते कैसे
राजनीतिक पर सब कुछ संभव है। ऐसा ही वाक्या नपाध्यक्ष के पदभार संभालने के दौरान दिखाई दिया। निवर्तमान अध्यक्ष अनिल शर्मा ने विधायक गजेंद्रङ्क्षसह की उपस्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि 'हमने तो आपको कई बार बुलाया लेकिन, आप तो आए ही नहींÓ। यह भी कहा कि नगर पालिका को 11 लाख रुपए देने के लिए धन्यवाद। जवाब में विधायक शक्तावत ने कहा कि आपने कुछ मांगा ही नहीं तो हम देते कैसे। इस बात पर लोगों के ठहाके छूट पड़े।

समय नहीं दिया, लेकिन जिताया
पदभार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक शक्तावत की एक बात ओर चर्चित रही कि उन्होंने लोगों के बीच कहा कि चुनाव प्रक्रिया में उन्होंने पार्टी और प्रत्याशियों के लिए आवश्यक समय नहीं दिया। बावजूद इसके कांग्रेस ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे पदों के साथ बोर्ड बनाने में भूमिका अदा की। शक्तावत ने कहा कि वह लोगों को विश्वास दिलाते हैं कि बोर्ड में पक्ष और विपक्ष की राजनीति नहीं रहेगी। nagar palika news बल्कि हर आम आदमी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करने का कोई मौका नहीं खोएंगे।



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