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वे जन्म से हिन्दू हैं, प्रशासन दस साल से मानने को तैयार नहीं

कन्हैयालाल सोनी/ सलूम्बर (उदयपुर). hindu-muslim धर्मांतरण जैसे गंभीर विषय को लेकर प्रदेश की सरकार में बैठे नुमाइंदे जरा भी संजीदा नहीं है। जाति और खातेदारी की जमाबंदी की नकल के नाम पर सरकार जन्म से मृत्यु पर्यंत तक सनातन धर्म मानने वाले समाज को मुस्लिम धर्मावलंबी बताकर प्रमाण पत्र जारी कर रही है। हिन्दुओं को मुस्लिम धर्मावलंबी बताने वाले ये दस्तावेज अब समाज विशेष के लिए परेशानी का विषय बनते जा रहे हैं। बता दें कि प्रदेश सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में दमामी और नगारची समाज (हिन्दू) का नाम शामिल है। रियासत काल में युद्ध संकट और रणक्षेत्र में जीत का ढोल नगाड़े बजाकर आह्वान करने वाली इस जाति में जन्म से लेकर मौत तक सभी 16 संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से होते हैं, लेकिन राजस्व और सरकारी रेकॉर्ड में इन जातियों को गैर हिन्दू और मुस्लिम धर्मावलंबी बताया हुआ है। इतना ही नहीं जाति विशेष के लिए जारी होने वाले जाति प्रमाण-पत्र और जमीन की जमाबंदी पर इस जाति को मुस्लिम धर्मावलंबी बताया गया है। सामने आई सच्चाई को जानकर समाज के वरिष्ठों में नाराजगी बढ़ गई है। समाज विशेष की ओर से इस खामी को सरकार की सोची समझी साजिश का हिस्सा बताने जैसे आरोप भी लग रहे हैं। दोनों ही समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि इससे पहले भी वह समस्या को लेकर संभागीय आयुक्त के माध्यम से सरकार तक उनकी आवाज पहुंचा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि सदियों से उनका समाज हिन्दू धर्म को मानता आया है, लेकिन सरकार उन्हें मुस्लिम धर्मावलंबी बताकर उनके साथ अन्याय कर रही है।
राजकीय सूची में दर्जा
राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अधिसूचना स.प.11(164) आरएंडपीएसजेईडी 09 /47/ 032 दिनांक 25 अगस्त 2009 से अधिसूचित अन्य पिछड़ा वर्ग सूची में सम्मिलित वर्गों में से 56 नंगारची व इनकी उपजातियों में ढोली जाति वर्ग को छोड़कर नंगारची व दमामी सहित अन्य वर्गों में गैर हिन्दू और मुस्लिम धर्मावलंबी शामिल हैं। इसलिए इन्हें मुस्लिम धर्मावलंबी का दर्जा दिया हुआ है।

बदल दिए संस्कार
हम हिन्दू समाज से हैं। जन्म से लेकर मृत्यु तक सभी हिन्दू संस्कार, त्योहार मनाने के लिए अलावा देवताओं की पूजा करते हैं। लेकिन, सरकार स्तर पर हमारा जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है। खामियों में सुधार को लेकर कई बार प्रयास किए गए, लेकिन आज तक भी हमें गैर हिन्दुओं की सूची से नहीं हटाया गया। अब न्याय के लिए हमें देशव्यापी आंदोलन करना पड़ेगा। भवानी शंकर दमामी, सचिव, दमामी समाज

विभाग को भेजी समस्या
दमामी और नंगारची समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व रिकॉर्ड और जाति प्रमाण-पत्र के पीछे लिखे जाने वाले मुस्लिम धर्मावलंबी शब्द पर आपत्ति दर्ज कराई है। hindu-muslim उपखण्ड स्तर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को लिखित में अवगत कराया गया है।
प्रकाशचंद्र रेगर, उपखण्ड अधिकारी, सलूम्बर

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