उदयपुर/ सलूम्बर. hindu muslim जाति प्रमाण पत्र और सरकारी जमाबंदी में दमामी और नंगारची जातियों को गैर हिन्दू और मुस्लिम धर्मावलंबी की मुहर लगाने वाली सरकारी नीतियों का विरोध थमता नहीं दिख रहा। सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार को दोनों ही जातियों की ओर से विरोध रैली को लेकर प्रस्ताव पारित हुआ। हिन्दू संगठनों की ओर से भी इन जातियों को समर्थन दिया गया। दूसरी ओर सामने आए हिन्दू संगठनों ने सरकार पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए ऐसी राजनीति की निंदा की। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज से जुड़े लोगों को गैर हिन्दू बताने की नीति के पीछे सरकार की मंशा संदिग्ध है। इससे पहले सलूम्बर सहित समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में दमामी और नंगारची जातियों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। हिन्दू जागरण मंच ने सलूम्बर में विशेष बैठक आहुत की। वहीं रणधवल राजपूत समाज ने सलूंबर व उदयपुर में बैठक लेकर सरकारी नीतियों के विरोध में रैली निकालने एवं ज्ञापन देने की रूपरेखा तैयार की। सलूंबर में मंच के विभाग सह मंत्री प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री शंकर लाल भोई के नेतृत्व में बैठक हुई। वहीं उदयपुर में रणधवल राजपूत समाज के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में संभागीय बैठक में सरकार पर धर्मांतरण के आरोप लगाए गए। मंच, व्यापार मंडल, के साथ सर्व समाज के मुख्य प्रतिनिधियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में मंच की ओर से विभाग सहमंत्री प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री शंकर लाल भोई, जिला सह महामंत्री दुर्गेश शर्मा, संरक्षक कन्हैयालाल नेभनाणी, नगर महामंत्री ऋषभ सेठ, नगर सहमंत्री भीमराज भोई, जिला मीडिया प्रभारी देवानंद, व्यायामशाला प्रमुख गौरव वैष्णव, पारसनाथ, व्यवस्था प्रमुख जगदीश भोई, कोषाधयक्ष महेश सोलंकी, सदस्य सुनील सालवी, राजू पटेल, संजय भोई तथा उदयपुर में संभागीय बैठक में संभाग के रणधवल राजपूत संगठन के गजेंद्र कांठा, विक्रमसिंह सिसोदिया, मनीष पंवार, दुर्गेश दमामी एवं अन्य ने हिस्सा लिया।
भटेवर में गुस्सा फूटा
भटेवर. इधर, सरकारी दस्तावेज में जातियों को बदलकर मुस्लिम धर्मावलंबी बताने वाले दस्तावेज पर समाज प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। क्षत्रिय दमामी नंगारची समाज के चोखला अध्यक्ष देवीलाल दात्या ने बताया कि दमामी नंगारची समाज हिंदू धर्मावली है। हम क्षत्रिय वंशजों से जुड़े हुए हैं। लेकिन, राजस्व रिकॉर्ड में समाज का धर्म बदला जा रहा है। सरकार की सूची में दर्ज विभाग की अधिसूचना से अधिसूचित पिछड़ा वर्ग में नंगारची जाति ओबीसी में आती है, परंतु कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ के कारण इस समाज का विनाश किया जा रहा है। नंगारची समाज को सरकारी रिकॉर्ड में मुस्लिम वर्ग बताया जा रहा है। अध्यक्ष ने बताया कि पहले भी इस मामले में सरकार को ज्ञापन दिए गए हैं, लेकिन अब तक भी सुधार नहीं हुआ है। hindu muslim खामी पर ऐतराज उठाते हुए समाज ने आगामी दिनों में आंदोलन की चेतावनी दी है।





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