पाली. जिले के सबसे बड़े बांगड़ अस्पताल के मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी सुविधाओं में कोई विशेष इजाफा नहीं हुआ है। हालात यह है कि अस्पताल में भर्ती होने पर मरीजों को बैड तक नसीब नहीं हो रहे। चाइल्ड वार्ड की हालत तो काफी खराब है। वहां एक बैड पर तीन-चार बच्चों को भर्ती किया जा रहा। नर्सिंगकर्मियों की कर्मी के चलते एक वार्ड पर ताला तक लगा दिया गया है।
बांगड़ अस्पताल में २६ वार्ड है। जिनमें ४४५ बैड है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, नर्स द्वितीय श्रेणी सहित अन्य कई प्रमुख पद पिछले काफी समय से रिक्त है। ऐसे में वार्डों के संचालन में अस्पताल प्रबंधन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति के चलते मरीजों की संख्या बढऩे के बाद भी अस्पताल प्रबंधन नए वार्ड शुरू नहीं कर पा रहा है।
इएनटी वार्ड किया शिफ्ट
स्टॉफ की कमी के चलते हाल ही में पीएमओ के निर्देश पर बांगड़ अस्पताल के इएनटी वार्ड को सर्जिकल वार्ड में मर्ज किया गया। अब सर्जिकल वार्ड में इएनटी, मनोरोग के रोगियों को भर्ती किया जाएगा। जानकारी के अनुसार एक वार्ड को संचालित करने के लिए कम से कम छह नर्सिंगकर्मियों की आवश्यकता होती है।
स्टॉफ की कमी, वार्ड संचालन में परेशानी
अस्पताल के मेडिकल कॉलेज बनने पर ५० नर्सिंगकर्मियों की भर्ती होनी थी।। उस पर स्टे लग गया। हाल ही में १३ नर्सिंगकर्मियों का स्थानांतरण हुआ और वापस तीन नर्सिंगकर्मी ही अस्पताल को मिले। ऐसी स्थिति में नए वार्डों को संचालन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या को लेकर मुख्यालय पत्र लिखा है।
- डॉ. ए.डी. राव, पीएमओ बांगड़ अस्पताल पाली
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पद स्वीकृत रिक्त
विशेषज्ञ चिकित्सक २६ १२
चिकित्सा अधिकारी ४० १२
जीएनएम ट्रेनिंग ०१ ०१
सेंटर प्रिंसिपल
नर्सिंग ट्यूटर १९ १७
नर्स द्वितीय श्रेणी ९३ २६
सीनियर लैब १२ ०७
तकनीशियन
सीनियर रेडियोग्राफर ३ २
एक्सरे
वार्ड बॉय ३६ १४
स्वीपर ३४ ११
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