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सीइटीपी प्लांटों पर रीसर्च करेगा मालवीय प्रौद्योगिकी संस्थान

पाली. कपड़ा उद्योग के सीइटीपी प्लांटों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए जयपुर का मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रीसर्च करेगा। इसके लिए सीइटीपी ने संस्थान से अनुबंध किया है। संस्थान के दो प्रोफेसर ने गुरुवार को टीम के साथ सभी प्लांटों का निरीक्षण किया।

दरअसल, pali में कुल पांच प्लांट स्थापित है, इनकी क्षमता 58 एमएलडी है। प्लांट संख्या एक और पांच वर्तमान में बंद है। करीब 40 एमएलडी के प्लांट संचालित होने के बावजूद कपड़ा उद्योग को साढ़े सात एमएलडी तक डिस्चार्ज की स्वीकृति मिली हुई है। इस क्षमता में भी प्लांट मापदंडों के अनुरूप नहीं चल पा रहे हैं। इस वजह से प्रदूषण नियंत्रण मंडल और एनजीटी ने कपड़ा उद्योग पर लगातार सख्ती बरती है। सीइटीपी ट्रस्ट ने प्लांटों को पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप संचालित करने के लिए अब नए सिरे से रणनीति बनाई है। इसके तहत जयपुर की मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान से रीसर्च करने का अनुबंध किया है। संस्थान की टीम सभी प्लांटों पर रीसर्च कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

प्लांटों में कैसे हो सुधार, टीम करेगी अध्ययन

एमएनआइटी की प्रोफेसर उर्मिला भृगु तथा मधु जैन की अगुवाई में टीम ने प्लांट संख्या दो, चार व छह का अवलोकन किया। प्लांटों के इनलेट और आउटलेट से सेंपल जुटाए। पानी ट्रीट करने के लिए उपयोग किए जा रहे कैमिकल्स की भी जानकारी ली। उन्होंने सीइटीपी अध्यक्ष अनिल गुलेच्छा व सचिव अरुण जैन से भी प्लांटों के बारे में जानकारी ली। प्रोफेसर भृगु ने बताया कि सीइटीपी की क्षमता में सुधार के लिए उन्हें टास्क दिया गया है। प्लांटों के डिजायन और प्रोसेस में क्या बदलाव की संभावनाएं हो सकती है इस पर अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा ऐसे कौन-से कैमिकल उपयोग में लिए जाएं ताकि डिस्चार्ज नियमों के अनुरूप हो, इस पर भी इंजीनियर्स की टीम अध्ययन करेगी।

तकनीकी रूप से अध्ययन करेगा संस्थान
सीइटीपी प्लांटों की खामियों में सुधार के लिए क्या उपाए किए जाने आवश्यक है, इसके लिए मालवीय प्रौद्योगिकी संस्थान को सीइटीपी ने जिम्मेदारी है। संस्थान की रिपोर्ट कपड़ा उद्योग और सीइटीपी प्लांटों के सुधार के लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

अमित शर्मा, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण मंडल

सुझावों पर करेंगे अमल
एमएनआइटी की टीम ने सभी प्लांटों का दौरा किया। संस्थान की ओर से जो भी सुझाव दिए जाएंगे उन पर अमल करेंगे। हमारा प्रयास है कि प्लांट गाइडलाइन के अनुरूप संचालित हो और कपड़ा उद्योग की समस्याओं का समाधान हो।

अनिल गुलेच्छा, अध्यक्ष, सीइटीपी



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