उदयपुर/ भाणदा. medical and health department विधानसभा क्षेत्र खेरवाड़ा मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित अंसारीवाड़ा इलाके के ग्रामीणजन सरकारी चिकित्सा सुविधाओं के लिए लाचार बने हुए हैं। करीब तीन साल से स्थानीय ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा को लेकर मांग कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय नेताओं से लेकर अन्य प्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला लोगों की समस्याओं को लेकर किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। ग्रामीणों को हमेशा की तरह यहां आश्वासन देकर समझा बुझा दिया जाता है। ग्रामीणों ने समस्या को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई है। ग्रामीणों की मानें तो पहाड़ी इलाके वाले इस क्षेत्र से जुड़े करमाला, रेहटा, राणावाड़ा, उपलाफला, भीलवाड़ा, ड़ामोरवाड़ा एवं अंसारीवाड़ा, ग्राम पंचायत थाणा के राजस्व ग्राम घाटी, बेलवा, खराड़ीवाड़ा, कातर, थाणा चटोल, देवनाल, गांठिया, माथावटा, की बिखरी आबादी होकर आर्थिक तौर पर कमजोर है। ऐसे में दूरदराज के इलाकों में गरीब तबके को आवश्यक चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। मजबूरी में इस इलाके के लोगों को उपचार सुविधा के लिए खेरवाड़ा, छाणी, बावलवाड़ा एवं नयागांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक जाना पड़ता है। इसी प्रकार क्षेत्र के सक्षम लोग मरीजों को उपखण्ड की ओर लाने की बजाय गुजरात ले जाने में ज्यादा रूचि दिखाते हैं। समय पर उपचार के अभाव में लोगों को परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी ओर से समस्या निस्तारण को लेकर कई बार सांसद सहित अन्य नेताओं का दरवाजा खटखटा चुके हैं। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री से भी इस बारे में पीड़ा बता चुके हैं, लेकिन आज भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
लंबे समय से गुहार
ग्रामीणों के स्तर पर कई बार ग्राम पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा उठाया गया है। medical and health department ग्राम पंचायत ने प्रतिक्रिया के तहत अंसारीवाड़ा एवं थाणा में संयुक्त तौर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की ऊपर स्तर पर मांग भी की है, लेकिन तीन साल से जारी प्रयास बेनतीजा रहे।
ममता मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत अंसारीवाड़ा





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