उदयपुर/ गोगुंदा. Jholachhap doctor कानूनी पेंच बताते हुए झोलाछाप चिकित्सकों पर हाथ डालने में सुस्तई दिखा रहे ब्लॉक के चिकित्सा विभाग की कार्यशैली को लेकर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने साहस दिखाते हुए चार झोलाछापों की दुकानों को गुरुवार को सीज करने का कदम बढ़ाया। सायरा उपतहसील के पदराड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने सहयोगी चिकित्सक के साथ कार्रवाई के लिए दस्तक दी तो दहशत के मारे झोलाछाप उनके क्लीनिकों को छोड़ भागे। खुले क्लीनिकों में बड़ी तादाद में एलौपैथिक दवादयों के ढेर को देखने के बाद बिना देर लगाए प्रभारी चिकित्सक ने अवैध क्लीनिकों को सीज करने का निर्णय किया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश यादव ने बताया कि सीएचसी क्षेत्र में मौसमी बीमारियों के बीच भी मरीजों की संख्या नियमित नहीं देख खामियों को जानने पर पता चला कि ग्रामीण झोलाछाप चिकित्सकों के क्लीनिकों पर उपचार करा रहे हैं। जानकारी में आया कि झोलाछाप मरीजों को उपचार के नाम पर छह से सात दिन तक भर्ती भी कर रहे हैं। इन खामियों की जानकारी पर कार्रवाई की गई। jholachhap doctor बता दें कि उपचार सेवाओं में खामियों के बीच पनप रही झोलाछापों की बिरादरी की लापरवाही के चलते क्षेत्र में बीते दिनों एक महिला और एक नौनिहाल की मौत हो चुकी है।





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