अलवर. राज्य सरकार के खाद्य मंत्री रमेशचंद मीणा के पहले दौरे में अलवर जिले में रसद विभाग के भ्रष्टाचार की परतें खुल गईं। शनिवार को जनसुनवाई और विभागीय समीक्षा बैठक के बाद मंत्री मीणा ने जिला रसद अधिकारी अमृतलाल नागर को एपीओ कर दिया।
खाद्य मंत्री मीणा शुक्रवार देर शाम अलवर पहुंचे। उन्होंने शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। जिसमें खाद्य विभाग, पुलिस, यूआईटी, पीडब्ल्यूडी सहित कई विभागों की करीब 100 शिकायतें आईं। इसके बाद विभागीय समीक्षा बैठक ली। जिनमें खाद्य विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार की कई शिकायतें सामने आईं। विभागीय कामकाज में काफी गड़बड़ी मिली। खाद्य सुरक्षा योजना में कई सरकारी कर्मचारियों के नाम जुड़े मिले, जो कि गरीबों के हिस्से का गेहूं उठा रहे हैं और पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। कहीं राशन का स्टॉक में गड़बड़ी मिली तो कहीं राशन डीलरों की ओर से उपभोक्ताओं को कम राशन देना पाया गया। इसके अलावा राशन डीलर और कर्मचारियों ने एक-दूसरे पर कई भ्रष्टाचार के आरोप भी जड़ें। विभागीय कामकाज की स्थिति भी खराब मिली। पहले दौरे में ही विभागीय भ्रष्टाचार की परतें सामने आने पर मंत्री रमेशचंद मीणा ने शाम को अलवर से रवाना होते ही जिला रसद अधिकारी अमृतलाल नागर को एपीओ कर दिया।
काफी शिकायतें मिल रही थी : मंत्री
खाद्य मंत्री रमेशचंद मीणा ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि जयपुर में उन्हें लगातार अलवर से विभाग से जुड़ी भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थी। इसी कारण उन्होंने अलवर दौरे का कार्यक्रम तय किया। अलवर में में जनसुनवाई और विभागीय समीक्षा बैठक विभाग का काफी गड़बड़ मामले सामने आए तथा खाद्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी और राशन डीलरों के भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली। खाद्य सुरक्षा योजना में मास्टर और पुलिसवालों तक के नाम जुड़े मिले। इन सभी सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। विभागीय कामकाज में गड़बड़ी के चलते अलवर डीएसओ अमृतलाल को एपीओ किया गया है।





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