उदयपुर/ कानोड़. udaipur political news नगर पालिका चुनाव के त्रिकोणीय मुकाबले में सत्ता से बाहर हुई भाजपा अब उसकी हार का ठीकरा जनता सेना पर फोड़ती दिख रही है। राजनीतिक गलियारों में जनता सेना से हाथ नहीं मिलाने की 'भूलÓ को लेकर जारी गहमागहमी के बीच भाजपा के सिपहसलारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयानबाजी तेज कर दी है। पहले 'भाईसाहबÓ के भरोसे भाजपा की राजनीति कर रहे पार्टी के सिपाहियों ने अब खुद मोर्चा संभालते हुए जनता सेना पर शाब्दिक हमले शुरू कर दिए हैं। कानोड़ की राजनीति में एक विचार वाली पार्टियों के बीच हो रही लड़ाई का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने पंचायत राज चुनाव को लेकर मौका भुनाना तेज कर दिया है।
राजनीतिक अखाड़े में सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग के जिला महामंत्री गिरधारीलाल सोनी ने भाजपा मंडल अध्यक्ष के पुत्र धर्मवीर व्यास की सोशल मीडिया आइडी पर लाइव बयानबाजी को जनता के बीच चटपटे अंदाज में पेश किया। इन बयानों से राजनीतिक गलियारों में एकबार फिर से गहमागहमी तेज हो गई। बयानों में भाजपा के जिम्मेदार सोनी ने स्वीकार किया कि जीत कर भी पार्टी हार गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की हार की जिम्मेदार जनता सेना है। अन्यथा उनकी पार्टी 20 में से 20 सीटें लाकर मैदान से कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखाती। ऐसे बयान खासे चर्चित रहे।
राम को भूले, रावण की जयकार
महामंत्री सोनी के बयान को लेकर अन्य चर्चाएं भले ही कम रही हो, लेकिन उनकी ओर से भाजपा के आदर्श माने जाने वाले राम को भुलाकर रावण का सम्मान देना खासा चर्चित रहा। सोनी ने उनके लाइव वीडियो में कहा कि 'दुश्मन के आगे सर झुकाए, ये रावण का दस्तूर नहीं, मर जाना है मंजूर मगर, सीता देना मंजूर नहींÓ इसे लेकर अन्य राजनीतिक दलों ने वीडियो को देखने में उत्सुकता दिखाई। बता दें कि इन्हीं महामंत्री सोनी को भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त बताते हुए वर्ष 1998 में छह सालों के लिए 'वनवासÓ दिया था। उन पर भाजपा के बागी पुष्पराज मेहता के पक्ष में प्रचार करने जैसे आरोप लगे थे। वहीं इस बार के पालिका चुनाव में महामंत्री सोनी को जनता सेना के पार्षद प्रकाश लक्षकार से करीब 132 वोटों से हराया था।
खुद के बोर्ड पर उठाई उंगलियां
ओबीसी जिला महामंत्री की लाइव बयानबाजी तक कटघरे में आ गई, जब उन्होंने जनता सेना से हाथ नहीं मिलाने का तंज कसा और कहा कि 'कुछ असामाजिक लोगों की ओर से बार-बार दुष्प्रचार किया जा रहा है कि भाजपा को जनता सेना से हाथ मिलाकर बोर्ड बना लेना चाहिए था। यह आवाज वही अवसरवादी , लूटखोरी के धंधे मकरने वाले उठा रहे हैं, जो पालिका में फिर से घूसें और लूटखोरी के धंधे करें और उनके पुराने घोटाले उजागर नहीं होंÓ पुराने घोटाले उजागर नहीं होने की बात कहते हुए महामंत्री ने पिछले भाजपा बोर्ड के कार्यकाल को लेकर सवाल खड़े किए।
केवल कांग्रेस का था विरोध
जनता सेना केवल कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना चाहती है। भाजपा के साथ जाने का मन नहीं है। भाजपा के जिम्मेदारों का बयान देना कि जनता सेना उनकी हार की जिम्मेदार है तो ये उनकी व्यक्तिगत पीड़ा हो सकती है। जनता सेना के पार्षदों पर आरोप लगाना भी गलत है। ताज्जूब है कि राम के आदर्शों पर चलने वाली भाजपा अब रावण का फॉलो करेगी। ऐसी उम्मीद कभी नहीं थी।
रणधीर सिंह भीण्डर, सुप्रीमो, जनता सेना
गलती से बोला
भाजपा मोर्चा महामंत्री गिरधारी ने हम सभी के मन की बात कही है। सत्ता के लोभी लोगों को ये जवाब है। पार्टी गिरधारी के बयानों से संतुष्ट है। रणधीरसिंह हमारी पार्टी के नहीं हैं। उनसे दुआ सलाम संभव नहीं। हमारे आदर्श राम हैं, रावण नहीं। गिरधारी सोनी ने गलती से ऐसा कह दिया होगा।
भगवतीलाल शर्मा, भाजपा मण्डल अध्यक्ष
खुद के बल पर लड़े चुनाव
विवादित राजनीति करने का शौक भाजपा और जनता सेना का है। उनके बीच आपसी कलह है। सभी 20 सीट जीतने के दावे गौण हैं। कांग्रेस ने खुद के बल पर चुनाव जीता है। भाजपा की ऐसी बयानबाजी बताती है कि पार्टी अब राम को भूलकर रावण को आदर्श मानने लगी है।
सूरजमल मेनारिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, भीण्डर
रावण को केवल आन
पार्टी तो राम की जय करने वाली है। मैंने तो शब्दांश को पूरा करने के लिए रावण की आन का जिक्र किया था। बताना चाहा था कि हम किसी से समझौता करने वाले नहीं हैं। udaipur political news आरोप पुराने बोर्ड पर नहीं थे। पिछले बोर्ड में पार्षद पद पर रहे कुछ लोगों पर थे।
गिरधारीलाल सोनी, ओबीसी मोर्चा महामंत्री





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