Breaking News
recent

राजनीति के दावपेच: कांग्रेस में बवाल मचा तो नोटिस

भीलवाड़ा। नगर परिषद में शहर की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अविश्वास प्रस्ताव के दिन खरीद फरोख्त के आरोपों के खेल को राजस्थान पत्रिका के प्रमुखता से उजागर करने के बाद शनिवार को जिले की राजनीति गरमाई रही। इधर, अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान में हिस्सा लेने वाले दो पार्षद तथा पूर्व सभापति समेत पांच कांग्रेसजनों को पार्टी से निलम्बन की तलवार लटक गई है। कांग्र्रेस जिलाध्यक्ष ने इन्हें नोटिस जारी किए।

राजस्थान पत्रिका के शनिवार के अंक में 'व्हिप तोडऩे वाले कांग्रेस पार्षदों का वार-१० लाख ऑफर किए, समदानी का पलटवार-२५ लाख मांगेÓ शीर्षक समाचार की शनिवार को राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही। जिला कांग्रेस से लेकर जयपुर तक हलचल रही। आरोप प्रत्यारोपों का खेल खुलकर होने से शनिवार को प्रदेश कांग्रेस के सचिव व भीलवाड़ा सहप्रभारी आरसी चौधरी ने सख्ती दिखाई।

उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने वाली कांग्रेस पार्षद अनिता कंवर व उनके पूर्व पार्षद पति जितेन्द्र सिंह राजावत, कांग्रेस पार्षद मीनू विश्नोई व उनके पूर्व पार्षद ससुर जगदीश विश्नोई के साथ ही पूर्व सभापति ओमप्रकाश नराणीवाल को पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान में शामिल होने व सहयोग करने को अनुशासनहीनता माना।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा को शनिवार को भेजे पत्र में पांचों को अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए पार्टी से निलंबित किए जाने की सिफारिश की है।

चर्चा के बाद निलम्बन की सिफारिश
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल डांगी का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव के दिन प्रदेश नेतृत्व के आदेश पर संगठन महासचिव महेश शर्मा ने संगठन की आंतरिक व्यवस्था के तहत व्हिप जारी किया था। इसका दो पार्षद व वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने उल्लंघन किया। जिला सह प्रभारी आरसी चौधरी ने गुरुवार को कांग्रेस के अन्य पार्षद व समर्थित पार्षदों तथा वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। सबने पांचों कांग्रेसजनों को निलंबित करने की राय दी।

अनुशासन कमेटी में रखेंगे जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष रामपाल शर्मा ने बताया कि पूर्व सभापति नराणीवाल समेत पांच कार्यकर्ताओं के निलंबन को लेकर पार्टी का पत्र मिला है। इसके आधार पर पांचों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसमें सात दिन में पक्ष रखने को कहा है। नोटिस का जवाब आने पर अनुशासन कमेटी में रखेंगे। इसी बैठक में दो पार्षदों के दिए इस्तीफे तथा पूर्व सभापति नराणीवाल व दो अन्य पूर्व पार्षदों पर आरोपों को लेकर भी चर्चा होगी। इसी आधार पर प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा मार्गदर्शन लिया जाएगा।

रिकार्ड में अभी भी समदानी भाजपा पार्षद
कांग्रेस के एक धड़े में दिन भर चर्चा रही कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के दौरान ही जनप्रतिनिधि कानून प्रभावी रहता है। एेसे में व्हिप जारी करना राजस्थान नगरपालिका के नियम एवं उपनियमों के दायरे में नहीं आता है। दलबदल कानून भी निकाय स्तर में प्रभावित नहीं होता है। भले ही ललिता समदानी पद पर रहते हुए कांग्रेस में शामिल हो गई लेकिन जिला निर्वाचन विभाग के रिकार्ड में अभी भी भाजपा समर्थित पार्षद है।

पूर्व पार्षद का एतराज
पूर्व पार्षद जितेन्द्र सिंह राजावत ने कहा कि उनकी पत्नी अनिता कंवर को पार्षद का टिकट ही अनिल डांगी के कार्यकाल में मिला था इसलिए डांगी का बयान गलत है कि वे अनिता को नहीं जानते। उन्होंने कहा कि पार्षद अनिता कांग्रेस संगठन में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.