पाली। Damage to castor, mustard and gram crops : खेत-खलिहानों में इन दिनों लहलहा रही रबी की फसलों [ Rabi crop ] पर लट का ग्रहण लग गया है। ये लट किसानेां के अरमानों को चट कर रही है। किसानों की मानें तो अरंडी में सेमीलूपर लट तो चने में हेलियोथिस लट लग गई है। यह लटें फसलों को चौपट कर रही है। इधर, सरसों में तना गलन की बीमारी से फसल पीली पडकऱ सूख रही है। इससे किसानों के चेहरे मुरझा गए है। दवाइयों का छिडक़ाव भी बेअसर साबित हो रहा है।
लक्ष्य से अधिक बुवाई पर अब चिंता
इस बार अच्छी बारिश होने व बांधों में पानी की आवक होने से लक्ष्य से अधिक बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 2 लाख 44 हजार हैक्टेयर में रबी का बुवाई का लक्ष्य था। लेकिन, इसके मुकाबले में अभी तक 2 लाख 62 हजार 551 हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बुवाई अभी चल रही है। 30 से 40 हजार हैक्टेयर भूमि में और बुवाई की संभावना है। हालांकि, लट के प्रकोप से किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
इतनी हुई बुवाई
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गेहूं 63 हजार 500, जौ पांच हजार, सरसों 54 हजार 500, तारामीरा 20 हजार 300, जीरा 7850, मैथी 3000, ईसबगोल 2 हजार, सब्जी 4250, लहसून 80, धनिया 65, सौंफ 4150 व चारा की 5270 हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है।
अब कर रहे छिडक़ाव
फसलों में लट के प्रकोप से मुरझा रही फसलों को बचाने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी भी किसानों को उपाय बता रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक चने व अरंडी की फसल में क्यूनालफास ई.सी. का 1 लीटर पानी में एक हैक्टेयर में स्प्रे करा जा सकता है। उन्होंने एक हैक्टेयर में क्यनालफास 1.5 डस्ट 52 किलो का छिडक़ाव करने की भी सलाह दी है। साथ ही उन्होंने सरसों की फसल में रिडोमिल एम जेड - 72 का एक एमएल एक लीटर पानी में स्प्रे करने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि इन उपायों से फसलों में लट का प्रकोप कम किया जा सकता है।
फसलें हो रही खराब
चने व अरंडी की फसल में लट लग गई है। यह लट फसल को चट कर रही है। सरसों में भी तना गलन का रोग लग गया है। सरसों की सिंचाई करते ही पौध पीला पड़ कर सूख रहा है। -रामचन्द्र पालीवाल, किसान झीतड़ा
किसानों को बता रहे उपचार
हां, ये सही है कि अरंडी, चने की फसल में लट लगी है। सरसों में भी तना गलन का रोग लगा है। हालांकि, किसानेां को इससे बचाव के उपाय बता रहे हैं। -शंकराराम बेड़ा, उपनिदेशक, कृषि विभाग विस्तार, पाली





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