जयपुर। ओलावृष्टि ( hailstorm in rajasthan ) से राज्य के कई जिलों में फसलों को नुकसान ( Crop Damage ) पहुंचा है। हालांकि सरकार ने खराबे की जांच कर राहत के निर्देश दिए हैं। धन की कमी से जूझ रही सरकार के लिए ओलावृष्टि परेशानी का सबब बन सकती है। ओलावृष्टि से हुए वास्तविक नुकसान का पता सर्वे के बाद चलेगा। बजट की कमी से सरकार किसानों को बड़ी सहायता शायद ही दे पाए। मानसून में बाढग़्रस्त ( Flood in Rajasthan ) हुए इलाकों के लिए केंद्र से राज्य को सहायता राशि ( relief fund for farmers ) नहीं मिल पाई है। आशंका है कि बजट की कमी किसानों की राहत पर भारी न पड़ जाए।
गौरतलब है कि पिछले मानसून में राज्य में जमकर बारिश ( rain in rajasthan ) हुई थी। सरकार ने राज्य के 18 जिलों के 12943 गांवों को बाढग़्रस्त घोषित किया है। इन जिलों में 49 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। राहत के लिए सरकार ने केंद्र को ज्ञापन भेज राष्ट्रीय आपदा कोष से 2645 करोड़ रुपए की सहायता मांगी है। सूखा प्रभावित बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर एवं हनुमानगढ़ के 1388 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। सूखा एवं खराबा प्रभावित 3,93,120 किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 707 करोड़ रुपए केंद्र से मांगे हैं। इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशु शिविर संचालन, पेयजल परिवहन, चारा परिवहन एवं कृषि आदान-अनुदान का वितरण हो सकेगा। वहीं, राज्य सरकार ने सहायता के लिए अभी तक केवल 204 करोड़ रुपए दिए हैं। बाढ़ से क्षति पर विभिन्न विभागों के 7114 कार्यों के लिए 188 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार जिला कलक्टरों को क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए 16 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। केंद्र सरकार ने सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे व जांच के लिए अंतरमंत्रालयिक केंद्रीय दल बनाया है। यह दल 16 से 18 दिसम्बर तक सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा।
राज्य सरकार दे पाई है यह सहायता
राज्य सरकार ने सहायता के लिए अभी तक केवल 204 करोड़ रुपए दिए हैं। बाढ़ से क्षति पर विभिन्न विभागों के 7114 कार्यों के लिए 188 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार जिला कलक्टरों को क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत के लिए 16 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
मुआवजा दे राज्य सरकार : भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से तुरन्त राहत कार्य शुरू कराने, मुआवजा देने की मांग की है।





No comments:
Post a Comment