Breaking News
recent

दिगम्बर और श्वेताम्बर परंपरा से जुड़े संतों का हुआ मिलन

उदयपुर/ भटेवर. religion news वल्लभनगर के जैन स्थानक भवन में जैन संत सम्मेलन के दौरान मंगलवार को दिगम्बर और श्वेतांबर परंपरा के संतों का मधुर मिलन हुआ। मुनियों का मंच पर मिलन देखकर भक्त अभिभूत हुए। तपस्वी घनश्याम मुनि, महासती नयन प्रभा के दीक्षा रजत जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सभी महापुरुषों ने मानव मात्र में करुणा और प्रेम के संचार को ही धर्म का प्रवेश द्वार बताया। मुनि कमलेश ने कहा कि वही धर्म महान है, जो राष्ट्र को मजबूत करने की प्रेरणा दे। देश में सैकड़ों धर्म है यदि सभी कट्टरता का नारा देंगे और देश बिखर जाएगा। पंत और संतों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। दिगंबर आचार्य चंद्र सागर ने कहा कि कोई भी धर्म नफरत और वेर विरोध की इजाजत नहीं देता है, जो मानव बनकर माधव से प्रेम नहीं करता। भला वो क्या भगवान से प्यार करेगा। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली अखिल भारतीय जैन कॉन्फ्रेंस नई दिल्ली एवं समाज संघ के उपाध्याय मूल मुनि प्रवर्तक विजय मुनि की ओर से घनश्याम मुनि को सेवा शिरोमणि और महासती नयन प्रभा को समणी रत्ना के पद से अलंकृत किया गया। आचार्य सम्राट शिव मुनि ने मंगल कामना प्रेषित की।

मेले की नहीं मिली मंजूरी, आज होगा समापन
उदयपुर/ वल्लभनगर. क्षेत्र के छापरामन स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मैदान में चल रहे 15 दिवसीय मेले का बुधवार को समापन होगा, लेकिन ताज्जूब है कि मनोरंजन के लिए लगाए गए मेले को लेकर उपखण्ड अधिकारी स्तर पर अब तक भी प्रशासनिक मंजूरी नहीं दी गई है। ऐसे में रोजगार की आस में मेले में करतब दिखाने आए मौत के कुएं के कलाकारों और झूला संचालकों को आयोजन के दौरान निराशा हाथ लगी है। ऐसा ही हाल परिजनों के साथ आने वाले नौनिहालों के साथ भी हुआ। उन्हें झूला झूलने को नहीं मिला। इससे पहले मेला परिसर में संचालित मौत के कुएं और झूलों को स्थानीय उपखण्ड अधिकारी ने रुकवा दिया था। इसके बाद स्थानीय आयोजनों एवं व्यापारियों की ओर से विशेष आवेदन किया गया था, लेकिन पूरा मेला बीतने के बाद भी मंजूरी नहीं मिलने का व्यापारियों को अफसोस है। बता दें कि मेला 22 नवम्बर को शुरू हुआ था। religion news मेला परिसर में चलते हुए मौत का कुआं, रेल, डोलर को करीब 5 दिन बाद निरीक्षण के समय उपखण्ड अधिकारी ने बिना स्वीकृति के संचालित करने की बात कहते हुए रुकवा दिया था।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.