उदयपुर/ कानोड़. udaipur political news कानोड़ नगर पालिका के चुनाव में भाग्य के भरोसे सत्ता की बागडोर संभालने वाले कांग्रेस बोर्ड ने सीट संभालते ही 'आदर्शÓ को लेकर नई लड़ाई छेड़ दी है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ इसे राजनीतिक परंपरा बताते हुए शांति के साथ व्यवस्था का बदलाव होते देख रहे हैं। मामला नगर पालिका अध्यक्ष कक्ष से जुड़ा हुआ है। कभी सत्ता में रहे भाजपा के बोर्ड ने परंपरा को फॉलो करते हुए अध्यक्ष सीट के ऊपर पार्टी के मसीहा के तौर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय का चित्र लगाया था, जबकि सत्ता में लौटी कांग्रेस ने आते ही दीनदयाल उपाध्यक्ष की तस्वीर को बाहर का रास्ता दिखाते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर को स्थान दिया है। राजनीतिक दलों की बदली के साथ महापुरुषों की तस्वीरों में होने वाले परिवर्तन को लेकर राजनीतिक खेमों में हलचल भले ही नहीं हो, लेकिन बदलाव की यह बयार लोगों के दिलों में कई सवालों को जन्म दे रही है। बता दें कि नगर पालिका चुनाव में कुल 20 वार्ड वाले क्षेत्र में कांग्रेस के साथ भाजपा ने भी बराबरी में 7-7 पार्षदों की सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। लेकिन, तीसरे दल के तौर पर जनता सेना के साथ दोनों दलों की दूरियों के बीच यहां बोर्ड बनाने के लिए लॉटरी निकाली गई, जिसमें कांग्रेस की किस्मत ने साथ दिया और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नामों पर कांग्रेस समर्थकों को सीट पर बैठने का मौका मिला।
भारत माता के चित्र पर संशय!
भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय को हटाने के बाद पालिकाध्यक्ष कक्ष में लगी भारत माता की तस्वीर पर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। हालांकि, तत्काल निर्णय की बजाय हर पक्ष को ध्यान में रखकर यह बदलाव कर रही है। लोगों का आरोप है कि संगठनों की ओर से केवल महापुरुषों की तस्वीर में ही बदलाव होता है, जबकि कार्य क्षेत्र में महापुरुषों के आदर्शों से दूरी रखी जाती है। चर्चा यह भी है कि पंडित दीनदयाल की तस्वीर को हटाने की बजाय कांग्रेस उनके पास महात्मा गांधी की तस्वीर को भी स्थान दे सकती थी।
इनके ऐसे बोल
पंडित उपाध्याय की तस्वीर हटाने व महात्मा गांधी की तस्वीर को स्थान देने के मामले में पालिका उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बाबेल का कहना है कि पहले से ही इस स्थान पर महात्मा गांधी की तस्वीर थी, जिसको पूर्व बोर्ड के कार्यकाल में हटा दिया गया था। हमने तो पुरानी व्यवस्था को ही अपनाया है। udaipur political news दूसरी ओर पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि पूर्व में नगर पालिका में अध्यक्ष का अलग से कक्ष नहीं था। हमारे कार्यकाल में अध्यक्ष के लिए अलग से कक्ष की पंरपरा बनाई गई। नगर पालिका को नयापन देने के प्रयास किए थे। पार्टी के विचार अपनी जगह है, लेकिन कांग्रेस को तस्वीर पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।





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