जयपुर। राज्य में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव ( rajasthan Panchayat election 2020 ) ईवीएम से करवाने की राज्य निर्वाचन आयोग की योजना पर पानी फिरता दिख रहा है। आयोग इस बार भी पंच-सरपंचों के चुनाव मतपत्र से करवाएगा। अन्य राज्यों से आई ईवीएम ( EVM ) में से 20 प्रतिशत खराब होने से केवल पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे। पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव जनवरी व फरवरी में होंगे। तब तक दूसरी ईवीएम की व्यवस्था करना संभव नहीं है। इस कारण आयोग दो पदों पर मतपत्र से चुनाव करवाने की तैयारी में जुटा है। ऐसे में इस बार पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में हर प्रकार के साधन (मतपत्र, सिंगल पोस्ट-सिंगल वोट ईवीएम, मल्टी पोस्ट-सिंगल वोट ईवीएम) का इस्तेमाल होगा।
आयोग ने चुनावों के लिए महाराष्ट्र, ओडिशा व बिहार से 1.10 लाख ईवीएम उधार मंगवाई हैं, जिन्हें लाने-लेजाने में 15 करोड़ रुपए खर्चे हैं। ज्यादातर जिलों में ईवीएम आ चुकी हैं और 12-13 दिसम्बर तक सभी मेें ईवीएम पहुंच जाएंगी।
सरपंच के चुनाव भी ईवीएम से होने थे
सूत्रों के अनुसार आयोग जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य सहित सरपंच पदों के चुनाव भी ईवीएम से करवाने की तैयारी कर रहा था। मशीनें खराब होने पर पंच व सरपंच के चुनाव में मतपत्र काम में लिए जाएंगे।
तीन चरणों में होंगे चुनाव
पिछले पंचायत राज चुनाव की तरह इस बार भी आयोग तीन चरणों में चुनाव करवाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चुनाव का कार्यक्रम जारी कर आचार संहिता इसी माह लगाई जाएगी।
23 ट्रकों की जीपीएस के जरिए निगरानी
पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में ईवीएम पहली बार काम में ली जाएंगी। जयपुर जिले के लिए बिहार से 9651 नियन्त्रण इकाई (कंट्रोल यूनिट) और 13602 मतपत्र इकाई (बैलेट यूनिट) मंगवाई हैं। पूर्वी चम्पारण, समस्तीपुर, नालंदा, मुंगेर शहरों से ये मशीनें लाने के लिए 23 ट्रक और 5 जीपें भेजी हैं। इन पर भूमंडलीय स्थिति निर्धारण (जीपीएस) प्रणाली के जरिए मुख्यालय से निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए दस टीमें भेजी हैं। कलक्टर जोगाराम ने बताया कि मशीनें 16 दिसंबर तक जयपुर आ जाएंगी।
22 तक निकलेगी लॉटरी
पंचायत राज संस्थाओं में पदों के आरक्षण की लॉटरी 22 दिसम्बर तक निकालनी है। पुनर्गठन व मतदाता सूचियों के प्रारूप प्रकाशन सहित मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने-हटाने की प्रक्रिया चल रही है। जयपुर जिले में वार्डपंच व सरपंच की सीटों का आरक्षण एसडीओ निर्धारित करेंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों व प्रधानों की सीटों की लॉटरी जिला कलक्टर निकालेंगे।
सूत्रों के अनुसार अब तक आई ईवीएम जांची तो 20 प्रतिशत खराब मिलीं। आधिकारिक तौर पर 13 दिसम्बर के बाद आयोग ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच का कार्यक्रम जारी करेगा। जांच के बाद सभी जिलों से आयोग को जानकारी भेजी जाएगी। मशीनों की उपलब्धता के अनुसार चुनाव कार्यक्रम तय किया जाएगा।





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