उदयपुर/ कानोड़. udaipur political news भाग्य के भरोसे नगर पालिका बोर्ड की सत्ता पर पहुंची कांग्रेस के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बैठक से पहले ही भाजपा के धुंरधर आदर्श पुरुषों की 'समानताÓ का नया अध्याय पढ़ाने में जुट गए हैं। नपाध्यक्ष के कक्ष से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर को हटाने के बाद गुस्साए भाजपा के पार्षद लोकेश पुरोहित और मंडल अध्यक्ष भगवतीलाल शर्मा ने वर्तमान नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में कक्ष के भीतर गांधी की प्रतिमा के समीप ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर जड़वा दी। भाजपा के नुमाइंदों का गुस्सा यहां भी नहीं थमा और उन्होंने पालिका कार्मिकों के सामने कांग्रेस को महापुरुषों से भेदभाव नहीं करने की नसीहत भी दे डाली। सोमवार को नपाध्यक्ष के कक्ष में गांधी की तस्वीर के समीप ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की तस्वीर लगाकर एकबारगी भाजपा ने उसके अस्तित्व की लड़ाई भले ही जीत ली हो, लेकिन भविष्य में भाजपा इस सोच के साथ में उपाध्याय को गांधी की प्रतिमा के समीप कितने समय तक स्थान दिला पाती है। इसे लेकर संशय बना हुआ है। इसकी एक वजह तस्वीर लगाने के दौरान पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों का ही परिसर में नहीं होना माना जा रहा है। बता दे कि सत्ता में आई कांग्रेस ने पालिकाध्यक्ष की सीट के ऊपर लगी पंडित उपाध्याय की तस्वीर को हटाकर गांधी की तस्वीर लगाई थी। महापुरुषों के साथ राजनीतिक भेदभाव को लेकर राजस्थान पत्रिका ने भी खबरों को स्थान देते हुए 'कांग्रेस की आंधी में रहेंगे गांधी, भाजपा के साथ बाहर हुए दीनदयालÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर लोगों के बीच सियासी खेल का संदेश दिया था।
सोशल मीडिया पर राजनीति
नपाध्यक्ष के कक्ष से दीनदयाल की तस्वीर हटाने और महात्मा गांधी को स्थान देने का मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चित रहा। भाजपा के सिपहसलारों की ओर से सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस को महापुरुषों के नाम पर राजनीति नहीं करने की नसीहत दी। अब एक बार भाजपा की ओर से उठाया गया कदम भी दुबारा से चर्चा में है। udaipur political news इधर, बोर्ड की सत्ता पर कांग्रेस के आने के बाद भाजपा के इक्का-दुक्का पार्षद ही पालिका में आते हुए दिख रहे हैं, जबकि जनता सेना के पार्षदों ने चुनाव के बाद से परिसर में पैर नहीं रखा है।





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