पाली. देश में टोंक व हैदराबाद काण्ड से बवाल मचा हुआ है। इधर, पाली जिले के देसूरी थाना क्षेत्र के नारलाई गांव के जंगल में चार दिन पूर्व धारदार हथियार से विवाहिता की हत्या के मामले में नया खुलासा सामने आया है। विवाहिता की हत्या के चौथे दिन अब पुलिस मान रही है कि हत्या से पहले विवाहिता के साथ बलात्कार का प्रयास हुआ है। बलात्कार की पुष्टी के लिए विसरा एफएसएल के लिए भेजा गया है। मेडिकल बोर्ड के मेडिकल ज्यूरिस्ट ने भी माना है कि मृतका के शरीर पर काटने व दांत के निशान मिले हैं, 15 से अधिक धारदार हथियार के घाव है। ऐसे में बलात्कार का प्रयास तो हुआ है, लेकिन पाली पुलिस इसे दबाने में लगी है। पुलिस ने बलात्कार के प्रयास की धाराएं अभी तक एफआईआर में नहीं जोड़ी है। जबकि परिजन इसकी मांग कर चुके हैं। ऐसे में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहा है।
मृतका की बहन को आधा किलोमीटर दूर तक सुनाई दी चीख
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बाली) ब्रजेश सोनी के अनुसार गुरुवार को नारलाई गांव के जंगल में विवाहिता भैंस को नाडी पर पानी पिलाने गई थी। वहां से करीब आधा किलोमीटर दूर विवाहिता की बहन व उसके चाचा मौजूद थे। जहां उसकी बहन को विवाहिता के चीखने की आवाज सुनाई दी, इस पर बहन ने अपने चाचा को यह बात बताई। वे मौके पर पहुंचे तो लहुलूहान विवाहिता का शव मिला। बहन का कहना है कि उसकी बहन (मृतका विवाहिता) बचाओ-बचाओ चीखती रही, लेकिन कोई उसे नहीं बचा सका।
बलात्कार का प्रयास तो हुआ
यह सही है कि विवाहिता की हत्या से पहले उससे बलात्कार का प्रयास तो हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, इसमें खुलासा होगा कि बलात्कार हुआ या नहीं। फिलहाल बलात्कार के प्रयास की धाराएं नहीं जोड़ी है। इस मामले का राजफाश करना पुलिस के लिए चुनौती है।
- आनंद शर्मा, एसपी, पाली





No comments:
Post a Comment