जयपुर। सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सुधारने के लिए एक नवाचार किया है। अब टॉपर्स स्टूडेंटस की कॉपियों से विद्यार्थी पढ़ाई कराई जा रही है। सीबीएसई ने अपनी वेबसाइट पर ये कॉपियां स्टूडेंटस के लिए उपलब्ध कराई हैं। ये उन विद्यार्थियों की कॉपियां हैं, जिनके शत प्रतिशत अंक आए हैं। सीबीएसई का मानना है कि इन कॉपियों में लिखे उत्तर को देखकर विद्यार्थी सीख सकते हैं कि उन्हें किस तरह से प्रश्नों के उत्तर देने हैं। इससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने में आसानी होगी। अभी तक बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए सीबीएसई स्वयं सैंपल पेपर जारी करता था। पहली बार ऐसा हुआ है कि टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं का सैंपल बना कर पढ़ाई कराई जा रही है। बोर्ड ने 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक की कक्षाओं में यह व्यवस्था लागू की है।
सीबीएसई के 10वीं और 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को सौ में सौ अंक लाने के तरीके बताए जा रहे हैं। किसी भी विषय में सौ अंक कैसे लाए जा सकते हैं, इसकी जानकारी स्कूल में बोर्ड परीक्षार्थियों को दी जा रही है। जानकारी के अनुसार 2019 की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में देशभर के करीब 12 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे, उनमें से करीब 50 हजार विद्यार्थी को कई विषयों में सौ में सौ अंक मिले थे।
कॉपियों का जान पाएंगे अंतर
राष्ट्रीय स्तर के टॉपर के साथ जोन और राज्य टॉपर को भी रखा गया है। इसमें विद्यार्थी यह जान पाएंगे कि राष्ट्रीय जोन और राज्य टॉपर्स की कॉपी में क्या अंतर हैं। टॉपर्स की कॉपी देख विद्यार्थी उत्तर लिखने के सही पैटर्न को जान सकेंगे। इसके अलावा स्कूल के टॉपर्स की उत्तर पुस्तिका को सैंपल बना कर पढ़ाई की जाएगी।
रिवीजन में रख रहे ध्यान
सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षा एक जनवरी से शुरू होंगी। इससे पहले स्कूलों में रिवीजन चल रहा है। इस दौरान विद्यार्थियों को सप्ताह में दो से तीन दिन सौ अंक लाने वाले उत्तर पुस्तिका को दिखाया जा रहा है।
इन बातों का रखना होगा ध्यान
- कहीं भी ओवर राइटिंग नहीं करें
- रफ वर्क तय स्थान पर ही करें
- निश्चित जगह पर पैरा छोड़े
- दो उत्तर के बीच में अंतर रखें, जिससे शिक्षक उसे आसानी से देख सके
- उत्तर लिखते समय शब्द सीमा का ध्यान रखें
- हैडराइटिंग पढ़ने लायक हो।





No comments:
Post a Comment